
रायपुर/दिल्ली। बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में अभियुक्त अमित जोगी को Supreme Court of India से राहत मिली है। अदालत ने उनके सरेंडर पर फिलहाल रोक लगा दी है और मामले में सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस आदेश के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
इससे पहले Chhattisgarh High Court ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी और 23 अप्रैल तक सरेंडर करने का निर्देश दिया था। हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
गुरुवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत दी। कोर्ट ने सीबीआई से मामले में विस्तृत जवाब भी तलब किया है। इससे आने वाले समय में केस की दिशा तय होने की संभावना है।
यह मामला 4 जून 2003 का है, जब रायपुर में राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय यह प्रदेश की प्रमुख आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा था। जांच के दौरान इसमें राजनीतिक साजिश के आरोप भी सामने आए थे।
करीब 23 साल पुराने इस रामअवतार जग्गी हत्याकांड में अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल सरेंडर पर रोक से अमित जोगी को अस्थायी राहत मिली है, जबकि अंतिम फैसला न्यायालय में लंबित है।
इस केस के बारे में और जाने :- https://www.scobserver.in/cases/ramavatar-jaggi-murder-case-analysis/







