रायपुर। सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वाले सहयात्रियों के लिए भी हेलमेट अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए हैं। अपर परिवहन आयुक्त द्वारा इस संबंध में सभी क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को पत्र भेजकर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था विशेष रूप से राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर यात्रा करने वाले मोटरसाइकिल चालकों और उनके पीछे बैठे यात्रियों दोनों पर लागू होगी, ताकि दुर्घटनाओं में होने वाली गंभीर चोटों और मौतों को रोका जा सके।
प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन की डिलीवरी करने वाले शोरूम संचालकों के खिलाफ भी मोटरयान अधिनियम और केंद्रीय मोटरयान नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में नहरपारा विकास समिति के अध्यक्ष और पूर्व पार्षद रमेश आहूजा ने इस विषय को उठाते हुए अपर परिवहन आयुक्त को पत्र भेजा था, जिसमें केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के निर्देशों के बावजूद नियमों का पालन नहीं कराने वाले अधिकारियों पर सवाल उठाए गए थे। इस पर संज्ञान लेते हुए अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नियमों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को हेलमेट के महत्व के बारे में बताया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट सबसे घातक होती है, जिसे हेलमेट के उपयोग से काफी हद तक रोका जा सकता है। ऐसे में यह निर्णय जनहित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिवहन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। नियमों की विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक लोग सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट https://morth.nic.in पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।







