मौसम बदलते ही बढ़ी एलर्जी की समस्या, बचाव के आसान और असरदार उपाय

मौसम बदलते ही एलर्जी और हे फीवर के मामलों में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक दुनिया भर में करोड़ों लोग एलर्जिक राइनाइटिस से परेशान हैं, जिसमें छींक, खांसी, आंखों में पानी और नाक बंद होने जैसी दिक्कतें शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पराग कण, धूल और प्रदूषण इसके प्रमुख कारण हैं, जबकि जलवायु परिवर्तन के चलते समस्या पहले से ज्यादा बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एलर्जी से बचाव के लिए समय पर सही इलाज और सावधानी बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों ने खाने वाली दवाओं की जगह नेज़ल स्प्रे को ज्यादा असरदार बताया है, क्योंकि यह सीधे नाक में काम करता है और जल्दी राहत देता है। वहीं लंबे समय तक डीकंजेस्टेंट स्प्रे के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों के मुताबिक दूसरी पीढ़ी की एंटीहिस्टामीन दवाएं कम नींद लाती हैं और बेहतर असर करती हैं। एलर्जी सीजन शुरू होने से पहले इलाज शुरू करना, दवा नियमित लेना और नेज़ल स्प्रे सही तरीके से इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद माना गया है। इसके साथ ही बाहर से आने के बाद हाथ-मुंह धोना, मास्क और सनग्लासेस का इस्तेमाल करना तथा खिड़कियां बंद रखना भी एलर्जी से बचाव में मददगार हो सकता है।

  1. गोली की बजाय नेज़ल स्प्रे का इस्तेमाल करें
    एलर्जी शुरू होते ही लोग अक्सर खाने वाली दवाएं लेते हैं, लेकिन नेज़ल स्प्रे ज्यादा असरदार माना जाता है। यह सीधे नाक के अंदर जाकर सूजन और जलन कम करता है, जिससे छींक, नाक बहना और बंद नाक जैसी समस्याओं में जल्दी राहत मिलती है। डॉक्टर कॉर्टिकोस्टेरॉइड और एंटीहिस्टामीन वाले स्प्रे को ज्यादा प्रभावी मानते हैं।

  2. डीकंजेस्टेंट स्प्रे का लंबे समय तक इस्तेमाल न करें
    नाक खोलने वाले स्प्रे तुरंत राहत देते हैं, लेकिन इन्हें लगातार 5 दिन से ज्यादा इस्तेमाल करने पर नाक की सूजन और बढ़ सकती है। इससे ‘रीबाउंड कंजेशन’ की समस्या हो जाती है, जिसमें बिना स्प्रे के सांस लेना मुश्किल लगने लगता है। इसलिए इनका सीमित उपयोग ही करें।

  3. सेकंड-जनरेशन एंटीहिस्टामीन दवाएं चुनें
    नई पीढ़ी की दवाएं जैसे सिटिरिज़िन, लोराटाडिन और फेक्सोफेनाडिन एलर्जी में ज्यादा असरदार मानी जाती हैं। इनसे पुरानी दवाओं की तुलना में कम नींद और सुस्ती आती है, इसलिए दिनभर काम करने में परेशानी नहीं होती।

  4. एलर्जी सीजन शुरू होने से पहले इलाज शुरू करें
    विशेषज्ञों के अनुसार एलर्जी बढ़ने का इंतजार करने की बजाय मौसम बदलने से कुछ हफ्ते पहले ही दवा या नेज़ल स्प्रे शुरू कर देना चाहिए। इससे शरीर पहले से तैयार रहता है और लक्षण कम गंभीर होते हैं।

  5. दवा नियमित समय पर लें
    एलर्जी की दवा तभी असर करती है जब उसे रोजाना सही समय पर लिया जाए। कई लोग लक्षण कम होते ही दवा बंद कर देते हैं, जिससे समस्या दोबारा बढ़ जाती है। डॉक्टर की बताई मात्रा और समय का पालन जरूरी है।

  6. नेज़ल स्प्रे सही तरीके से इस्तेमाल करें
    स्प्रे लगाते समय सिर पीछे नहीं झुकाना चाहिए। स्प्रे को हल्के कोण पर कान की दिशा में रखें और धीरे से इस्तेमाल करें। स्प्रे के तुरंत बाद नाक साफ करने से दवा बाहर निकल सकती है, इसलिए कुछ देर तक नाक न साफ करें।

  7. आई ड्रॉप्स सही तरीके से लगाएं
    आंखों में खुजली या पानी आने पर आई ड्रॉप्स उपयोगी होती हैं। ड्रॉप डालते समय सिर थोड़ा साइड में झुकाएं और आंख के अंदरूनी कोने में दवा डालें। इससे दवा आंख में अच्छी तरह फैलती है और जल्दी राहत मिलती है।

  8. एलर्जी बढ़ाने वाली चीजों से बचें
    धूल, पराग कण, धुआं और प्रदूषण एलर्जी को बढ़ा सकते हैं। बाहर जाते समय मास्क और सनग्लासेस पहनें। घर लौटने के बाद हाथ-मुंह धोएं या नहाएं ताकि शरीर और बालों में चिपके एलर्जी पैदा करने वाले कण हट सकें।

  9. परेशानी बनी रहे तो डॉक्टर से संपर्क करें
    अगर लंबे समय तक छींक, सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन या खांसी बनी रहे तो इसे हल्के में न लें। कई बार यह अस्थमा या अन्य सांस संबंधी बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से जांच और सही इलाज कराना जरूरी है।विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर लंबे समय तक छींक, सांस लेने में परेशानी या आंखों में जलन बनी रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि कई मामलों में यह अस्थमा जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। एलर्जी और स्वास्थ्य से जुड़ी अधिक जानकारी World Allergy Organization पर देखी जा सकती है।

 

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan