कुरूद। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ती गर्मी और जंगलों में भोजन-पानी की कमी का असर अब ग्रामीण इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। वन्यजीव जंगल छोड़कर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। धमतरी जिले के कुरूद ब्लॉक अंतर्गत महानदी किनारे बसे ग्राम गुदगुदा में पिछले दो महीनों से तेंदुए की आवाजाही ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव में तेंदुए के लगातार देखे जाने और पालतू पशुओं के शिकार की घटनाओं के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि रात होते ही गांव में सन्नाटा पसर जाता है और लोग अपने बच्चों तथा मवेशियों को लेकर सतर्क रहने लगे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ दिन में नदी किनारे घनी झाड़ियों के आसपास दिखाई देता है, जबकि रात में वह गांव के भीतर घुसकर आवारा कुत्तों और छोटे पशुओं को निशाना बना रहा है। बीते कुछ दिनों में गांव से कई कुत्ते अचानक गायब हो गए, जिसके बाद ग्रामीणों को तेंदुए की गतिविधियों का अंदेशा हुआ। पशुपालकों ने भी छोटे बछड़ों और बकरियों के गायब होने की शिकायत की है। सरपंच सोनम संजय साहू ने बताया कि चुम्मन निषाद के बकरे, मालिक ध्रुव की बकरी तथा अलीराम और केवल साहू के बछड़ों को तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है। ग्रामीणों ने वन विभाग से पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और जल्द राहत कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम लगातार गांव और आसपास के क्षेत्रों में गश्त कर रही है। ग्रामीणों द्वारा मोबाइल कैमरे में कैद किए गए वीडियो फुटेज और नदी किनारे मिले पंजों के निशान से विभाग ने तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि की है। कुरूद सहायक वन परिक्षेत्राधिकारी एरावत मधुकर ने बताया कि विभागीय टीम ने क्षेत्र का कई बार निरीक्षण किया, लेकिन 8 से 10 फीट ऊंची घास और घनी झाड़ियों के कारण तेंदुआ नजर नहीं आया। हालांकि रेत पर मिले पदचिन्हों और ग्रामीणों के बयानों के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि यह 4 से 5 साल का नर तेंदुआ है, जो दक्षिण सिंगपुर के जंगलों से निकलकर राजपुर और मोहदी होते हुए महानदी किनारे गुदगुदा पहुंचा होगा।
वन विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है और जल्द ही धमतरी से विशेष बचाव दल गांव पहुंचने वाला है। विभाग ने ग्रामीणों से रात में अकेले बाहर न निकलने, बच्चों को घर के आसपास सुरक्षित रखने और पशुओं को खुले में न बांधने की अपील की है। वहीं सोसायटी अध्यक्ष थानेश्वर साहू और युवा मोर्चा से जुड़े देवेंद्र साहू सहित कई ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द तेंदुए को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ने की मांग की है। लगातार बढ़ती वन्यजीव गतिविधियों ने एक बार फिर जंगल और आबादी के बीच बढ़ते संघर्ष की चिंता को सामने ला दिया है।https://forest.cg.gov.in/?utm_source=chatgpt.com







