आयकर कर्मचारियों का हाफ डे वॉकआउट, 51 कार्यालयों में गूंजा विरोध प्रदर्शन

रायपुर। अपनी लंबित मांगों को लेकर आयकर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अब खुलकर आंदोलन की राह पर उतर आए हैं। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ प्रभार के अंतर्गत आने वाले सभी आयकर कार्यालयों में गुरुवार को कर्मचारियों और अधिकारियों ने आधे दिन के कार्य का बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। आयकर कर्मचारी महासंघ और आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ के संयुक्त आह्वान पर दोपहर भोजनावकाश के बाद कर्मचारियों ने कार्य से वॉकआउट किया और कार्यालय परिसरों में नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई। आंदोलन का असर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुल 51 आयकर कार्यालयों में देखने को मिला, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन किया।

संयुक्त आंदोलन समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी तीन सूत्रीय मांगें लंबित हैं और लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद बोर्ड की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि कई दौर की चर्चाओं और बैठकों के बावजूद उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। आंदोलन के दौरान भोपाल स्थित आयकर कार्यालयों में भी आधे दिवस का बहिर्गमन कर विरोध दर्ज कराया गया। कर्मचारियों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जा सकता है।

एमपी-सीजी सर्कल के संयुक्त संयोजक महेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि बोर्ड स्तर पर कई बार चर्चा होने के बाद भी कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण को लेकर गंभीर पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है और इसी वजह से चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। संयुक्त सभा को संबोधित करते हुए डॉ. दीपक कुमार, संजय रामटेके, आशाराम बाथम, अजय साहू, भगवान केवलानी, शिव प्रताप यादव, देवेंद्र दांगी, अनुभव रावत, शुभांशु नीखरा, बालम सिंह चौहान, अजय ठाकुर और इरफान खान सहित कई नेताओं ने कर्मचारियों की एकजुटता पर जोर दिया और आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही।

सूत्रों के अनुसार, आंदोलन से एक दिन पहले बोर्ड अध्यक्ष और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के बीच बैठक भी हुई थी, लेकिन बैठक के बाद अब तक आधिकारिक मिनट्स जारी नहीं किए गए हैं। इसी वजह से संगठनों ने अपना विरोध जारी रखने का फैसला लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि विभागीय कामकाज पूरी तरह प्रभावित नहीं हुआ, लेकिन आधे दिन के बहिष्कार के कारण कई प्रशासनिक कार्यों और करदाताओं से जुड़े मामलों में देरी देखी गई। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और नियमसम्मत रहेगा, लेकिन यदि मांगों की अनदेखी जारी रही तो आगे बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जा सकते हैं।Income Tax Department of India

 

 

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan