
कुरुद। राज्य शासन के निर्देशानुसार 1 मई से 10 जून तक आयोजित सुशासन तिहार के तहत गुरुवार को कुरुद कासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कातलबोड़ में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आसपास की 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे और अपनी समस्याओं, मांगों तथा शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए। शिविर में विधायक अजय चन्द्राकर सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और अधिकारियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
कातलबोड़ में आयोजित इस शिविर में चर्रा, मोंगरा, कोकड़ी, बानगर, मंदरौद, कमरौद, सिंधौरीखुर्द, सिंधौरीकला, सेलदीप, जोरातराई, गाड़ाडीह और परखंदा सहित कुल 13 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया था। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार शिविर में कुल 752 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 728 मांग और 24 शिकायतों से संबंधित थे। ग्रामीणों ने राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, सड़क, पेंशन और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। विधायक अजय चन्द्राकर ने कहा कि शासन का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है, इसलिए इस प्रकार के शिविर गांव स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि लोगों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जनपद अध्यक्ष गीतेश्वरी साहू ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सीधे संवाद और समाधान का अवसर मिल रहा है। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नोनी सुरक्षा योजना प्रमाण-पत्र एवं पोषण टोकरी का वितरण किया गया। वहीं मत्स्य विभाग द्वारा मछुआरों को आईस बॉक्स और जाल सामग्री, श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड, समाज कल्याण विभाग द्वारा सहायक उपकरण तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल भी लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों ने योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
हालांकि शिविर में पहुंचे कई ग्रामीणों ने क्षेत्र में अवैध रेत और मुरूम उत्खनन को लेकर नाराजगी भी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में धड़ल्ले से उत्खनन जारी है, जिससे सड़कें खराब हो रही हैं और पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों को उस समय निराशा हाथ लगी जब शिविर में खनिज विभाग का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस दिशा में सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जनपद सदस्य कुलेश्वरी साहू, चित्रलेखा ध्रुव, कंचन साहू, मंडल अध्यक्ष कृष्णकांत साहू सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सुशासन तिहार से जुड़ी अधिक जानकारी छत्तीसगढ़ शासन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।







