मगरलोड सरपंच संघ की बैठक में आदर्श ग्राम और मजबूत पंचायत पर जोर

कुरुद। ग्राम पंचायतों को अधिक सशक्त और विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के उद्देश्य से मगरलोड ब्लॉक सरपंच संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जनपद पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में जिला पदाधिकारियों की मौजूदगी में पंचायत स्तर पर समन्वय बढ़ाने, संगठन को मजबूत करने और ग्रामीण विकास से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, मनरेगा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर सहमति बनी।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला सरपंच संघ अध्यक्ष टिकेश साहू ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना पंचायत प्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने हर घर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, वर्षा जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए पंचायतों में सामूहिक भागीदारी को बढ़ाने की आवश्यकता बताई। साथ ही प्रत्येक पंचायत में कम से कम 101 पौधे लगाने की नीति के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया गया।

मगरलोड ब्लॉक सरपंच संघ अध्यक्ष राखी साहू ने पंचायत प्रतिनिधियों के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पंचायत राज व्यवस्था में सरपंच को गांव का प्रमुख माना गया है, लेकिन कई बार छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए भी उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसी परिस्थितियों में मजबूत संगठन की आवश्यकता और बढ़ जाती है, जिससे सरपंच अपनी समस्याओं को सामूहिक रूप से रख सकें और समाधान की दिशा में पहल हो सके।

बैठक में शामिल खिसोरा पंचायत की सरपंच श्रीमती साहू ने मनरेगा भुगतान में हो रही देरी, ग्रामीण विकास योजनाओं में राशि आवंटन की असमानता और 15वें वित्त आयोग की राशि पर बढ़ते दबाव जैसे मुद्दों को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि कई पंचायतें सीमित संसाधनों के कारण जनअपेक्षाओं को पूरा करने में कठिनाई महसूस कर रही हैं। फ्री बीज योजनाओं के बाद पंचायतों को मिलने वाले आबंटन में कमी आने का भी मुद्दा बैठक में उठाया गया। सरपंचों ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी संचालन और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए प्रशासनिक सहयोग तथा वित्तीय पारदर्शिता बेहद जरूरी है। बैठक में योगेश साहू, जयमित्र, लोमेश साहू, विमल नेताम, ईश्वरी साहू, भोजराम, भानुप्रिया साहू, राजेश्वरी पटेल, हरिनारायण साहू, खेमूराम, परमेश्वरी साहू, मनीषा धुर्व और केवल वर्मा सहित बड़ी संख्या में सरपंच उपस्थित रहे। पंचायत व्यवस्था और ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग छत्तीसगढ़ देखा जा सकता है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan