रायपुर में सफाई कर्मियों पर लाठीचार्ज, हड़ताल से शहर में बढ़ा कचरा संकट

रायपुर। राजधानी रायपुर में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और कई इलाकों में कचरे का ढेर लगने लगा है। शनिवार सुबह निगम प्रशासन और पुलिस की टीम हड़ताली कर्मचारियों को हटाने और काम पर लौटने के लिए समझाने धरना स्थल पहुंची, लेकिन मामला तनावपूर्ण हो गया। कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त नहीं किए जाने पर पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया। इस दौरान कुछ सफाई कर्मियों को पुलिस वाहन में बैठाकर मोवा थाना और तूता स्थित धरना स्थल ले जाया गया। घटना के बाद कर्मचारियों और निगम प्रशासन के बीच विवाद और गहरा गया है।

जानकारी के अनुसार सफाई कर्मचारी पिछले दीपावली से वेतन वृद्धि, पीएफ सुविधा और ड्यूटी समय में सुधार की मांग को लेकर निगम प्रशासन और संबंधित कंपनी को लगातार ज्ञापन और चेतावनी देते आ रहे थे। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों ने सामूहिक हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के चलते राजधानी में डोर टू डोर कचरा संग्रहण पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सफाई मित्र वाहन लगातार तीसरे दिन भी अधिकांश मोहल्लों और कॉलोनियों में नहीं पहुंचे, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निगम के अनुसार करीब 200 से अधिक सफाई वाहनों का संचालन बंद है और लगभग 900 कर्मचारी आंदोलन में शामिल हैं। शहर के कई हिस्सों में लोग मजबूरी में कचरा सड़कों, गलियों और खाली स्थानों पर फेंक रहे हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था बिगड़ती जा रही है।

नगर निगम इन दिनों स्वच्छता अभियान चला रहा है और शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, लेकिन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने इस अभियान को बड़ा झटका दिया है। निगम प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है, हालांकि अब तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। कई वार्डों में कचरा समय पर नहीं उठने से बदबू और संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खुले में पड़े कचरे से बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए जल्द समाधान जरूरी है। दूसरी ओर हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

महापौर मीनल चौबे ने पहले ही सफाई व्यवस्था बाधित होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। वहीं प्रशासन का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और आम जनता को असुविधा से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजधानी में सफाई व्यवस्था और श्रमिकों की मांगों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। शहरी स्वच्छता और नगर निगम सेवाओं से जुड़ी जानकारी स्वच्छ भारत मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan