10 दिन बाद ऋषिकेश आश्रम में मिली महिला, तीनों बच्चे भी सुरक्षित

छत्तीसगढ़। बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सावा डबरा से अपने तीन बच्चों के साथ अचानक लापता हुई महिला का मामला आखिरकार 10 दिन बाद सुलझ गया। पुलिस ने महिला और उसके बच्चों को उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एक आश्रम से सुरक्षित बरामद कर लिया है। परिवार के सकुशल मिलने के बाद जहां परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं पूरे गांव में भी इस घटना को लेकर फैली चिंताओं और आशंकाओं पर विराम लग गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के जरिए महिला तक पहुंच बनाई, जिसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि महिला किसी आपराधिक घटना का शिकार नहीं हुई थी, बल्कि धार्मिक प्रवृत्ति के चलते बच्चों के साथ आश्रम पहुंच गई थी।

जानकारी के अनुसार महिला 4 मई को अपने तीन बच्चों के साथ घर से निकली थी। घर से निकलते समय उसने परिजनों को बताया था कि वह अपनी बहन के घर जा रही है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी उसके वापस नहीं लौटने और बहन के घर पर भी नहीं पहुंचने से परिवार की चिंता बढ़ गई। महिला का मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा था, जिससे परिजन किसी तरह का संपर्क नहीं कर पा रहे थे। काफी खोजबीन के बाद जब महिला और बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार ने तखतपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं और परिवार किसी अनहोनी की आशंका से परेशान था।

मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस अधिकारियों ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने महिला की संभावित आवाजाही वाले मार्गों और सार्वजनिक स्थानों के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के फुटेज में महिला अपने तीनों बच्चों के साथ उत्कल एक्सप्रेस में सफर करती दिखाई दी। यह सुराग पुलिस जांच में अहम साबित हुआ और इसके आधार पर पुलिस ने महिला की यात्रा से जुड़े अन्य बिंदुओं की जानकारी जुटानी शुरू की। इसके बाद टीम ने विभिन्न शहरों और रेलवे स्टेशनों में संपर्क कर जानकारी एकत्र की और आखिरकार महिला की लोकेशन उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एक आश्रम में मिली।

पुलिस टीम तत्काल ऋषिकेश पहुंची और महिला तथा बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह धार्मिक प्रवृत्ति की है और भागवत कथा सुनने के उद्देश्य से बच्चों के साथ आश्रम पहुंची थी। पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महिला और बच्चों को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि किसी भी गुमशुदगी के मामले में त्वरित सूचना और तकनीकी जांच कितनी महत्वपूर्ण होती है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि परिवार के सदस्य यदि कहीं बाहर जा रहे हों तो उनके संपर्क और गंतव्य की स्पष्ट जानकारी जरूर साझा करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में परेशानी न हो। मामले से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए उत्तराखंड पर्यटन एवं ऋषिकेश जानकारी देखी जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan