रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल, मनरेगा तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त

छत्तीसगढ़। जिले की गौरेला जनपद पंचायत में पदस्थ मनरेगा तकनीकी सहायक तरुण ताम्रकार को रिश्वत मांगने के आरोप में तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है। मवेशी शेड निर्माण कार्य की स्वीकृति दिलाने के एवज में पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद जिला पंचायत प्रशासन ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी सेवाएं समाप्त कर दीं। इस कार्रवाई के बाद ग्रामीण विकास विभाग और पंचायत स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों में भी हलचल देखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में तकनीकी सहायक पर मनरेगा योजना के तहत मवेशी शेड निर्माण कार्य की स्वीकृति दिलाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने तत्काल जांच के निर्देश जारी किए। इसके बाद जनपद पंचायत स्तर पर एक जांच समिति गठित की गई, जिसने वीडियो फुटेज, संबंधित दस्तावेजों और शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच की। जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने बिना देरी किए संबंधित कर्मचारी को कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया।

जिला पंचायत प्रशासन का कहना है कि शासन की ग्रामीण विकास योजनाएं गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी शासकीय योजना में रिश्वतखोरी, अनियमितता या भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में ईमानदारी और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है और यदि भविष्य में भी इस प्रकार की शिकायतें सामने आती हैं तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा और अन्य योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में निर्माण और विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं, ऐसे में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है ताकि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी दबाव या अवैध मांग के योजनाओं का लाभ मिल सके।

घटना के बाद क्षेत्र में भ्रष्टाचार और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से लोगों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत होगा और अन्य कर्मचारियों के लिए भी यह एक संदेश होगा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर कार्रवाई तय है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी शासकीय योजना में रिश्वत मांगने या गड़बड़ी की शिकायत हो तो उसकी जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। मनरेगा योजना और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan