छत्तीसगढ़। जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गतौरा गांव में शुक्रवार सुबह मनरेगा कार्यस्थल पर काम कर रहे पिता-पुत्री आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। हादसे में पिता गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि बेटी को हल्की चोटें आई हैं। घटना के बाद कार्यस्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद मजदूरों ने तत्काल दोनों को अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल मजदूर को इलाज के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। लगातार बदलते मौसम और क्षेत्र में हो रही आकाशीय बिजली की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार गतौरा गांव निवासी घनश्याम खांडे अपनी बेटी पूनम खांडे के साथ शुक्रवार सुबह मनरेगा के कार्य में शामिल होने पहुंचे थे। सुबह करीब 6 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बारिश के दौरान मजदूर सुरक्षित स्थान तलाश ही रहे थे कि अचानक पास में तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली गिरने का असर सीधे घनश्याम और उनकी बेटी पूनम पर पड़ा, जिससे दोनों मौके पर ही गिर पड़े। वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने तत्काल दोनों को संभाला और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार घनश्याम खांडे गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनकी हालत को देखते हुए उन्हें सिम्स अस्पताल में भर्ती कर विशेष निगरानी में रखा गया है। वहीं पूनम को हल्का करंट लगने से मामूली चोटें आईं, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है।
घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आकाशीय बिजली को लेकर डर का माहौल है। उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले इसी क्षेत्र के निरतू गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से 12 वर्षीय दीपक पटेल की मौत हो गई थी। वह अपने दोस्तों के साथ घर के बाहर खेल रहा था, तभी अचानक बिजली गिरने से वह उसकी चपेट में आ गया। उस हादसे में एक अन्य बच्चा भी घायल हुआ था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान खेतों, निर्माण स्थलों और खुले क्षेत्रों में काम करना जोखिम भरा हो सकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मनरेगा कार्यस्थलों पर मौसम संबंधी चेतावनी और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मजदूरों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में सावधानी बरतें और तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। आकाशीय बिजली से बचाव और मौसम संबंधी अलर्ट की जानकारी के लिए दामिनी ऐप एवं मौसम विभाग जानकारी पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।







