उत्तर प्रदेश। ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र अंतर्गत जलपुरा गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला दहेज उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या किए जाने की ओर संकेत कर रहा है। घटना के बाद मृतका के परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान दीपिका पुत्री संजय निवासी ग्राम कुड़ी खेड़ा, थाना बादलपुर के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, दीपिका की शादी करीब 14 महीने पहले जलपुरा गांव निवासी ऋतिक पुत्र मनोज के साथ सामाजिक रीति-रिवाजों और धूमधाम से संपन्न हुई थी। परिजनों का आरोप है कि विवाह में फॉर्च्यूनर गाड़ी सहित करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष द्वारा लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही दीपिका को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों ने दावा किया कि मृतका के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे उन्हें हत्या की आशंका है। घटना की सूचना मिलने के बाद मृतका के परिजन मौके पर पहुंचे और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मामले की सूचना पर थाना ईकोटेक-3 पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू कर दी है। मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि दीपिका कथित तौर पर दहेज उत्पीड़न से परेशान थी और उसने घर की छत से कूदकर जान दी। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही चल सकेगा। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतका के पति ऋतिक और ससुर मनोज को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। दहेज उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में समय रहते शिकायत दर्ज कराना और प्रशासनिक सहायता लेना महत्वपूर्ण माना जाता है। मामले से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और पुलिस अपडेट के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।







