हाथी का उत्पात, किसान की धान खरही रौंदकर बढ़ाई चिंता

छत्तीसगढ़। वन विकास निगम रवान अंतर्गत ग्राम मुरुमडीह में बुधवार देर रात एक अकेले भटक रहे हाथी ने खेत में रखी धान की खरही को नुकसान पहुंचा दिया, जिससे किसान को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी की मौजूदगी को लेकर समय रहते किसी प्रकार की सूचना या चेतावनी नहीं मिलने के कारण फसल को सुरक्षित नहीं किया जा सका। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम मुरुमडीह निवासी 58 वर्षीय किसान छिनूराम बरिहा ने अपने खेत में धान की खरही रखी थी। बुधवार रात एक हाथी खेत तक पहुंच गया और खरही को रौंदते हुए नुकसान पहुंचाया। किसान के अनुसार, इस घटना से उनकी उपज प्रभावित हुई है, जिससे आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी अकेला भटकता हुआ गांव के समीप पहुंचा था, जिससे रातभर लोगों में भय का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हाथी आबादी वाले हिस्से में प्रवेश करता तो बड़ा नुकसान भी हो सकता था। घटना के बाद कई ग्रामीण देर रात तक सतर्कता बरतते रहे और खेतों तथा आसपास के क्षेत्रों में निगरानी करते रहे।

ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में वन्यजीवों की निगरानी के लिए सिस्टम मौजूद होने के बावजूद समय पर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया। उनका आरोप है कि यदि हाथी की लोकेशन और गतिविधियों की पूर्व जानकारी दी जाती, तो किसान अपनी फसल को बचाने या सुरक्षित स्थान पर रखने का प्रयास कर सकते थे। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से नुकसान का सर्वे कर प्रभावित किसान को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही, हाथी की लगातार निगरानी कर उसकी लोकेशन सार्वजनिक करने और ग्रामीण क्षेत्रों में अलर्ट सिस्टम को मजबूत बनाने की भी मांग उठाई गई है। उल्लेखनीय है कि पिथौरा क्षेत्र में एक दिन पहले भालू के हमले की घटना सामने आने के बाद अब हाथी के उत्पात ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए विशेषज्ञ भी ग्रामीणों को रात के समय खेतों और जंगल से लगे इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह देते रहे हैं। वन्यजीवों से सुरक्षा और मुआवजा प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।https://forest.cg.gov.in/?utm_source=chatgpt.com

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan