रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित माना एयरपोर्ट परिसर में गुरुवार सुबह एक गंभीर हादसा सामने आया, जहां पैसेंजर लाउंज की सीलिंग मरम्मत के दौरान एक कामगार ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा एयरपोर्ट परिसर के भीतर उस समय हुआ, जब मजदूर छत की मरम्मत का कार्य कर रहा था। अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद वह नीचे फर्श पर गिर पड़ा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद घायल मजदूर को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। फिलहाल घायल कर्मचारी की पहचान और निवास संबंधी जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कामगार ऊंचाई पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के कार्य कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसे न तो सेफ्टी बेल्ट उपलब्ध कराई गई थी और न ही अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधन दिए गए थे, जबकि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले परिसर में निर्माण अथवा मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य माना जाता है। चश्मदीदों का कहना है कि काम के दौरान मजदूर का संतुलन अचानक बिगड़ा और वह सीधे नीचे मोटे टाइल्स पर आ गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
घटना ने सरकारी और संवेदनशील परिसरों में ठेका श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रम सुरक्षा नियमों के तहत ऊंचाई पर काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट और अन्य उपकरण उपलब्ध कराना आवश्यक माना जाता है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी में इन व्यवस्थाओं की कमी की बात सामने आ रही है। हालांकि, इस मामले में एयरपोर्ट प्रशासन और माना पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हादसे के कारणों और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर जांच की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण और मरम्मत कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर हादसों को जन्म दे सकती है, ऐसे में संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है। श्रमिक सुरक्षा और कार्यस्थल नियमों से जुड़ी जानकारी के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय देखा जा सकता है।https://labour.gov.in?utm_source=chatgpt.com

