टोल बचाने भारी वाहनों का दबाव, समय से पहले बदहाल हुआ मार्ग

छत्तीसगढ़। जिले के अर्जुनी से भखारा मार्ग की हालत इन दिनों गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टोल टैक्स बचाने के लिए बड़ी संख्या में ओवरलोड और भारी वाहन इस मार्ग का उपयोग कर रायपुर की ओर गुजर रहे हैं, जिससे सड़क समय से पहले क्षतिग्रस्त होने लगी है। खासकर कुरमातराई और देमार के पास सड़क कई स्थानों पर धंस गई है, डामर उखड़ चुका है और बड़े-बड़े गड्ढे बनने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। सड़क की खराब स्थिति के कारण छोटे वाहन चालकों, बाइक सवारों और ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क बनने के ज्यादा समय बाद ही इस तरह की स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है।

मौके पर सड़क की स्थिति देखने पर कई हिस्सों में डामर लहरनुमा उभरता दिखाई देता है, जबकि कुछ स्थानों पर ऊपरी परत पूरी तरह उखड़कर नीचे की गिट्टी बाहर आ गई है। ग्रामीण मनीराम बघेल और दीनू साहू का कहना है कि सड़क कहीं फूल रही है तो कहीं धंस रही है, जिससे वाहन अचानक असंतुलित हो जाते हैं और हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, क्योंकि मार्ग के कई हिस्सों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है। अंधेरे में गड्ढे और धंसे हिस्से दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ समय पहले विभाग द्वारा सड़क पर स्पीड ब्रेकर तो बनाए गए, लेकिन क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत को प्राथमिकता नहीं दी गई।

स्थानीय निवासी हेमंत पटेल का कहना है कि सड़क की वास्तविक समस्या को नजरअंदाज कर केवल औपचारिक कार्य किए गए, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है। लोगों का आरोप है कि रात के समय तेज रफ्तार भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे छोटे वाहन चालकों और आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहता है। मामले में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता शतिन्दर चहल ने बताया कि सड़क एडीबी योजना के तहत निर्मित की गई है और अभी पांच वर्ष की परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है। उन्होंने कहा कि संबंधित ठेकेदार और एडीबी अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी जाएगी तथा जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि यदि सड़क अभी गारंटी अवधि में है, तो इतनी जल्दी सड़क उखड़ने और धंसने की नौबत क्यों आई। साथ ही टोल बचाने के लिए मार्ग से गुजर रहे ओवरलोड वाहनों की निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी किस विभाग की है, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सड़क सुरक्षा और जनहित को देखते हुए लोग जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ की आधिकारिक जानकारी देखी जा सकती है।https://pwd.cg.gov.in?utm_source=chatgpt.com

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan