कुरुद । नगर के माहेश्वरी भवन में इन दिनों आध्यात्मिक माहौल देखने को मिल रहा है, जहां हर-हर महादेव महिला मंडल के तत्वावधान में सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया जा रहा है। 7 जून से शुरू होकर 14 जून तक चलने वाली इस धार्मिक आयोजन में बालयोगी विष्णु अरोरा अपनी मधुर वाणी से श्रीराम कथा का रसपान करा रहे हैं। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चल रही कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म, संस्कार और जीवन मूल्यों से जुड़े संदेश ग्रहण कर रहे हैं। आयोजन की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसके बाद माहेश्वरी समाज की महिला मंडल द्वारा कथा का नियमित संचालन किया जा रहा है।
कथा के दौरान व्यास पीठ से श्रीराम-जानकी विवाह प्रसंग सहित विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए बालयोगी विष्णु अरोरा ने जीवन, धर्म और कर्म से जुड़े कई संदेश श्रद्धालुओं को दिए। कथा वाचक ने कहा कि मनुष्य कर्मप्रधान होता है और जीवन में धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए संकल्प शक्ति आवश्यक है। उन्होंने ताड़का प्रसंग का उल्लेख करते हुए कामना को जीवन का ऐसा आकर्षण बताया, जो व्यक्ति को धर्म और कर्म के रास्ते से भटका सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन में इच्छाओं पर नियंत्रण और आत्मसंयम ही आध्यात्मिक उन्नति का आधार है। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
धार्मिक आयोजन में जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। विधायक अजय चंद्राकर और नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानु चंद्राकर ने कथा स्थल पहुंचकर व्यास पीठ की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन समिति के अनुसार कथा का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। महिला मंडल के इस आयोजन में समाज के बड़ी संख्या में लोग सहभागी बन रहे हैं, जिससे धार्मिक और सामाजिक एकता को भी बल मिल रहा है। कथा में स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और विभिन्न वर्गों के लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। धार्मिक आयोजनों और श्रीराम कथा से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए रामचरितमानस और श्रीराम कथा से संबंधित जानकारी देखी जा सकती है।







