अटल जी की प्रतिमा में बड़ा घोटाला, ब्रॉन्ज की जगह घटिया धातु का इस्तेमाल

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की कटघोरा नगर पालिका में पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में स्थापित आदमकद प्रतिमा को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि स्वीकृत योजना के अनुसार कांस्य (ब्रॉन्ज) से प्रतिमा स्थापित किए जाने के बजाय उसमें कथित रूप से निम्न गुणवत्ता की धातुओं का उपयोग किया गया। मामले के सामने आने के बाद प्रतिमा निर्माण की गुणवत्ता, निविदा प्रक्रिया और कार्य के निष्पादन पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार राज्य शासन ने सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर विकसित कर वहां अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य कांस्य प्रतिमा स्थापित करने के निर्देश दिए थे। कटघोरा नगर पालिका परिषद में इस कार्य का ठेका मनोज अग्रवाल नामक ठेकेदार को दिया गया था। हाल ही में लगातार हुई बारिश के दौरान प्रतिमा पर चढ़ी रंग की परत कई स्थानों से उखड़ गई, जिसके बाद अंदर प्रयुक्त धातु दिखाई देने लगी। इसके बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रतिमा की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और मामले की जांच की मांग की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वीकृत योजना में पूर्ण रूप से कांस्य धातु से बनी प्रतिमा स्थापित करने का प्रावधान था, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 13 से 14 लाख रुपये निर्धारित की गई थी। संबंधित ठेकेदार ने करीब 10 लाख रुपये की दर पर निविदा प्राप्त की थी। आरोप है कि लागत कम करने के उद्देश्य से ब्रॉन्ज के स्थान पर स्टील एवं पीतल सहित अन्य सस्ती धातुओं के मिश्रण का उपयोग किया गया और ऊपर से ब्रॉन्ज जैसा रंग चढ़ाकर प्रतिमा को तैयार कर दिया गया। प्रतिमा की बाहरी सतह पर रंग उतरने के बाद कथित अनियमितता सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई। मामले ने सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिकायतों के बाद बिलासपुर संचालनालय से कार्यपालन अभियंता अली बख्श अपनी तकनीकी टीम के साथ कटघोरा पहुंचे और प्रतिमा का स्थल निरीक्षण किया। तकनीकी परीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि स्थापित प्रतिमा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। जांच अधिकारी के अनुसार नियमों के तहत प्रतिमा कांस्य धातु की होनी चाहिए थी, जबकि परीक्षण में स्टील और पीतल जैसी धातुओं का मिश्रण पाए जाने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा ठेकेदार द्वारा प्रस्तुत गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताई गई है। अब संबंधित विभाग विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि यह केवल एक निर्माण कार्य की गुणवत्ता का नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन के उपयोग और राष्ट्रीय नेता की स्मृति से जुड़े सम्मान का भी विषय है। स्थानीय लोगों ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए मानकों के अनुरूप नई प्रतिमा स्थापित कराने की मांग की है।

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Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan