छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, साल में दो बार बोर्ड परीक्षा

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश और परीक्षा संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से स्कूल जाना अनिवार्य होगा। निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं करने वाले छात्रों को नियमित परीक्षार्थी का दर्जा नहीं मिलेगा और उन्हें प्राइवेट छात्र के रूप में परीक्षा देनी पड़ेगी। इसके साथ ही बोर्ड ने छात्रों के मूल्यांकन और परीक्षा प्रणाली में भी बड़े सुधार करते हुए साल में दो बार मुख्य परीक्षा आयोजित करने तथा क्रेडिट आधारित व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

माशिमं द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी (Automated Permanent Academic Account Registry) अनिवार्य कर दी गई है। यह प्रत्येक छात्र की डिजिटल शैक्षणिक पहचान होगी, जिसमें उसकी पूरी शैक्षणिक जानकारी और उपलब्धियां दर्ज रहेंगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बिना अपार आईडी के किसी भी छात्र को नियमित प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे में विद्यार्थियों और अभिभावकों को प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने से पहले इस आईडी का निर्माण सुनिश्चित करना होगा। प्रवेश के लिए सामान्य आवेदन प्रक्रिया 31 जुलाई तक चलेगी, जबकि नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है। निर्धारित समय सीमा के बाद प्रवेश के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होगी।

नए नियमों में उपस्थिति को लेकर भी सख्ती बरती गई है। बोर्ड के अनुसार नियमित छात्र बने रहने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि किसी छात्र की उपस्थिति निर्धारित सीमा से कम पाई जाती है तो उसका नियमित फॉर्म निरस्त किया जा सकता है। हालांकि गंभीर बीमारी या अन्य विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 10 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान रखा गया है। इसके बावजूद छात्र की उपस्थिति 65 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। इस फैसले का उद्देश्य स्कूलों में नियमित अध्ययन को बढ़ावा देना और छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना बताया जा रहा है।

छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करने के लिए बोर्ड ने एक ही शैक्षणिक सत्र में दो मुख्य परीक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी, जबकि दूसरी परीक्षा जून-जुलाई में आयोजित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को अपने अंकों में सुधार करने और असफल होने की स्थिति में दोबारा अवसर मिलने का लाभ मिलेगा। इसके अलावा क्रेडिट सिस्टम भी लागू किया जा रहा है, जिसके तहत किसी छात्र के पास किए गए विषयों के अंक सुरक्षित रहेंगे। यदि वह कुछ विषयों में अनुत्तीर्ण हो जाता है, तो अगले अवसर पर केवल उन्हीं विषयों की परीक्षा देकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों का मानसिक दबाव कम करने के साथ-साथ उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अतिरिक्त अवसर प्रदान करेगी।

नियमों और परीक्षा संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE)https://cgbse.nic.in?utm_source=chatgpt.com

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan