गर्भवती फुटबॉलर के हक में बड़ा फैसला, क्लब पर 75 लाख का जुर्माना

लुसाने। महिला खिलाड़ियों के अधिकारों और कार्यस्थल पर समान अवसर को लेकर खेल जगत में एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। खेल पंचाट (सीएएस) ने स्वीडन की फुटबॉल खिलाड़ी माजा गोथबर्ग के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इटली के क्लब लाजियो वुमेन को 70 हजार यूरो से अधिक, यानी करीब 75 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह राशि बकाया वेतन, व्यक्तिगत अधिकारों के उल्लंघन पर क्षतिपूर्ति और पिछले दो वर्षों के लिए पांच प्रतिशत ब्याज के रूप में दी जाएगी। अदालत ने अपने फैसले में माना कि क्लब ने खिलाड़ी के गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद नए अनुबंध को लेकर चल रही बातचीत को अचानक समाप्त कर दिया था, जो पेशेवर और कानूनी मानकों के खिलाफ है।

माजा गोथबर्ग, जो स्वीडन की पूर्व युवा अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर रह चुकी हैं, ने इस मामले में सबसे पहले फीफा के पंचाट में याचिका दायर की थी। हालांकि, वहां उनकी अपील खारिज कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने खेल पंचाट (सीएएस) का दरवाजा खटखटाया, जहां उन्हें न्याय मिला। सीएएस ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि किसी महिला खिलाड़ी के गर्भवती होने की जानकारी को रोजगार संबंध समाप्त करने या अनुबंध वार्ता रोकने का आधार नहीं बनाया जा सकता। फैसले के अनुसार, खिलाड़ी ने अनुबंध पर चर्चा के दौरान क्लब को अपनी गर्भावस्था की जानकारी दी थी, जिसके तुरंत बाद दोनों पक्षों के संबंध बिगड़ने लगे और बातचीत समाप्त हो गई।

वैश्विक खिलाड़ियों के संगठन फीफप्रो ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे महिला खिलाड़ियों के अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। फीफप्रो की कानूनी निदेशक अलेक्सांद्रे गोमेज ब्रुइनवाउड ने कहा कि यह फैसला केवल माजा गोथबर्ग के लिए न्याय नहीं है, बल्कि दुनिया भर के खेल संगठनों और क्लबों के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है कि गर्भावस्था के कारण किसी खिलाड़ी के साथ भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि महिला खिलाड़ियों को मातृत्व और पेशेवर करियर के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला महिला खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत कानूनी मिसाल बनेगा और खेल संगठनों को अपने अनुबंध और रोजगार नीतियों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित करेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला खिलाड़ियों के अधिकार, मातृत्व सुरक्षा और समान अवसर को लेकर लगातार बहस चल रही है और यह निर्णय उस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। मामले से जुड़ी अधिक जानकारी और खिलाड़ियों के अधिकारों से संबंधित दिशा-निर्देश वैश्विक खिलाड़ियों के संगठन की आधिकारिक वेबसाइट FIFPRO Official Website पर उपलब्ध हैं। https://www.fifpro.org?utm_source=chatgpt.com

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan