बिजली बिल बढ़ोतरी पर कांग्रेस का हमला, आम उपभोक्ताओं पर बढ़ा आर्थिक बोझ

कुरूद। छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई 2026 से लागू नई बिजली दरों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश में बिजली बिलों में वृद्धि के बाद आम उपभोक्ताओं पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कुरूद के पूर्व विधायक एवं पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक लेखराम साहू ने आरोप लगाया कि नई टैरिफ व्यवस्था के कारण घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में काफी अधिक बिजली बिल चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रति यूनिट दरों में भले ही 30 से 50 पैसे तक की वृद्धि की गई हो, लेकिन इसका वास्तविक असर उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर कहीं अधिक दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार जिन परिवारों का बिजली बिल पहले 300 से 500 रुपये के बीच आता था, अब उन्हें 1000 से 1500 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से लागू नई व्यवस्था में अग्रिम बिजली बिल भुगतान पर मिलने वाली छूट को कम कर दिया गया है और विलंब शुल्क संबंधी नए प्रावधान भी लागू किए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ा है।

लेखराम साहू ने कहा कि प्रदेश में महंगाई और आवश्यक सेवाओं की बढ़ती लागत के बीच बिजली बिलों में वृद्धि आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम करने के बजाय जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता, स्कूली बच्चों को ड्रेस और पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था, बुजुर्गों को समय पर पेंशन और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे कई मुद्दों पर लोग परेशान हैं। उनके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को भी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप भी लगाया।

हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कहा गया है कि नई बिजली दरें राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत लागू की गई हैं और विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर टैरिफ तय किया गया है। बिजली दरों में बदलाव और बिल संबंधी नियमों को लेकर उपभोक्ताओं को अपने मासिक बिल की जांच करने तथा किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर संबंधित बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय या उपभोक्ता सेवा केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई टैरिफ व्यवस्था के प्रभाव का वास्तविक आकलन आगामी महीनों के बिजली बिलों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। बिजली दरों और टैरिफ से जुड़ी आधिकारिक जानकारी छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग की वेबसाइट https://cserc.gov.in पर उपलब्ध है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan