छत्तीसगढ़ के पंजीकृत मजदूरों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, जानिए जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने राज्य के लाखों पंजीकृत श्रमिकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। अब छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल तथा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत सभी श्रमिकों को अपने रिकॉर्ड का आधार आधारित सत्यापन कराना होगा। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारों तक राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी तकनीकी बाधा, फर्जीवाड़े या बिचौलियों के सीधे पहुंच सके। इसी के तहत श्रम विभाग ने पहले चरण में पंजीयन रिकॉर्ड को आधार कार्ड के अनुसार अपडेट करने का विशेष अभियान भी शुरू किया है, ताकि ई-केवाईसी की प्रक्रिया सरल और त्रुटिरहित तरीके से पूरी हो सके।

श्रम विभाग के अनुसार पंजीकृत श्रमिकों के रिकॉर्ड में दर्ज नाम, जन्मतिथि, लिंग और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियों का मिलान आधार कार्ड में उपलब्ध विवरण से किया जा रहा है। यदि किसी भी प्रकार की विसंगति सामने आती है तो उसे तत्काल संशोधित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए राज्य के सभी लोक सेवा केंद्र (LSK), कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और च्वाईस सेंटरों को अधिकृत किया गया है। श्रमिक अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर रिकॉर्ड में सुधार और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए शासन ने प्रति आवेदन केवल 20 रुपये का सेवा शुल्क निर्धारित किया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आधार से जुड़ा प्रमाणित डेटा तैयार होने के बाद विभिन्न योजनाओं का लाभ वितरण अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगा।

श्रम पदाधिकारी एन.के. साहू ने बताया कि ई-केवाईसी अभियान का मुख्य उद्देश्य पात्र हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित करना और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना है। इससे अपात्र लोगों द्वारा लाभ लेने की संभावना कम होगी और वास्तविक श्रमिकों को समय पर सहायता मिल सकेगी। ई-केवाईसी के लिए श्रमिकों को आधार कार्ड, पंजीयन कार्ड, सक्रिय मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण और आवश्यक पहचान संबंधी दस्तावेज साथ लेकर अधिकृत केंद्र पहुंचना होगा। यदि आधार और पंजीयन रिकॉर्ड में कोई अंतर है तो पहले उसे संशोधित कराया जाएगा, जिसके बाद ही ई-केवाईसी पूरी होगी। श्रम विभाग ने सभी पंजीकृत श्रमिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी योजना, आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति, मातृत्व सहायता, चिकित्सा लाभ या अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। श्रमिक ई-केवाईसी और संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://cglabour.nic.in/ पर भी प्राप्त कर सकते हैं।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan