बिहान सम्मेलन में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मंत्र, उद्यमिता से बदल रही ग्रामीण तस्वीर

कुरुद । छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत आयोजित उद्यमिता सम्मेलन-2026 में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। शनिवार को कुरुद रेस्ट हाउस में आयोजित इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि स्वयं सहायता समूह अब केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के प्रभावी माध्यम बनकर ग्रामीण विकास की नई दिशा तय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं को नवाचार अपनाने, आधुनिक तकनीक का उपयोग करने और बड़े लक्ष्य निर्धारित कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने महिलाओं से नियमित रूप से समाचार-पत्र पढ़ने, समसामयिक विषयों की जानकारी रखने तथा डिजिटल साक्षरता बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि ज्ञान और तकनीकी दक्षता किसी भी सफल उद्यम की मजबूत नींव होती है।

सम्मेलन में नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति भानु चंद्राकर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक विकास का विषय नहीं, बल्कि मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि बिहान योजना के माध्यम से हजारों ग्रामीण महिलाएं उत्पादन, विपणन, सेवा क्षेत्र और लघु उद्योगों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। जनपद पंचायत अध्यक्ष गीतेश्वरी साहू ने स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन की इस पहल के तहत महिलाओं को किराना व्यवसाय, सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, ब्यूटी पार्लर सहित विभिन्न गैर-कृषि आधारित उद्यमों के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेकर नए उद्यम स्थापित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने भी जिला प्रशासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।

सम्मेलन के दौरान चयनित महिला उद्यमियों लीला देवांगन, रजिया बेगम, सुनीता, गंगा मनहर और ममता सिन्हा को उनके व्यवसाय के विस्तार के लिए एक-एक लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और बिहान से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि स्वरोजगार आधारित योजनाएं केवल व्यक्तिगत आय बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में भागीदारी दिलाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने का माध्यम बन रही हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की विभिन्न योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक वेबसाइट https://bihan.gov.in पर प्राप्त की जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan