कुरूद। भखारा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जोरातराई (सिलौटी) में कांग्रेस समर्थित सरपंच प्रीति-जयप्रकाश साहू के खिलाफ पंचों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया। बुधवार को आयोजित मतदान में सरपंच के पक्ष में केवल 2 मत पड़े, जबकि 9 पंचों ने उनके खिलाफ मतदान किया। प्रस्ताव पारित होने के बाद पंचायत क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई और जनपद पंचायत कुरूद में भी दिनभर गहमा-गहमी का माहौल रहा।
पंचों ने सरपंच के खिलाफ पंचायत में कराए जा रहे विकास एवं निर्माण कार्यों में कथित मनमानी और अनियमितता के साथ सीसी रोड निर्माण में धांधली तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन और पंचायत टैक्स वसूली में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। इन शिकायतों को लेकर पंचों ने एसडीएम नभसिंह कोसले के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायतों की जांच के बाद सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए 13 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत जनपद पंचायत कुरूद के सभाकक्ष में मतदान कराया गया। प्रक्रिया के लिए तहसीलदार सूरज बंछोर को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया था। मतदान में कुल 11 मत पड़े, जिनमें 2 मत सरपंच के समर्थन में और 9 मत विरोध में रहे। आवश्यक बहुमत मिलने के बाद अविश्वास प्रस्ताव पारित घोषित किया गया। इसके साथ ही सरपंच प्रीति साहू के पद पर बने रहने को लेकर स्थिति बदल गई है।
अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद उप सरपंच गयाराम साहू सहित पंच रोहणी, नोमेश्वरी, सरोज, प्रतिभा, बसंती, योगेश्वरी, महेश्वर और पवन साहू समेत अन्य पंच मौजूद रहे। पंचों ने इस निर्णय को पंचायत में कामकाज और विकास कार्यों में पारदर्शिता से जोड़कर देखा है। हालांकि सरपंच के खिलाफ लगाए गए निर्माण कार्यों, योजनाओं और टैक्स वसूली से जुड़े आरोपों की वास्तविकता संबंधित जांच एवं प्रशासनिक अभिलेखों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
पंचायतों में विकास कार्यों, स्थानीय करों और योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही को लेकर पंचायती राज व्यवस्था में निर्धारित प्रक्रियाएं लागू होती हैं। पंचायती राज मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर छत्तीसगढ़ के पंचायत विभाग की वेबसाइट के रूप में cgpanchayat.gov.in को सूचीबद्ध किया गया है। https://www.cgpanchayat.gov.in/?utm_source=chatgpt.com







