छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि वर्तमान में राज्य में एक भी झोलाछाप या बिना मान्यता प्राप्त डिग्री वाला डॉक्टर चिकित्सा कार्य नहीं कर रहा है। बिलासपुर प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रदेश में लगातार निगरानी बनाए हुए है और यदि कहीं भी फर्जी डॉक्टर के संचालन की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध चिकित्सा गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभाग समय-समय पर निरीक्षण और जांच की प्रक्रिया भी संचालित करता है ताकि बिना अनुमति या आवश्यक योग्यता के चिकित्सा सेवाएं देने वालों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध चिकित्सकीय गतिविधि या बिना डिग्री के इलाज किए जाने की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन को दें, जिससे समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उनका कहना था कि प्रशासन और आम जनता के सहयोग से ही स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
निजी अस्पतालों में सामने आई अनियमितताओं के संबंध में पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जिन मामलों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उनकी जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी संस्था को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है, बल्कि मरीजों के अधिकारों की रक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
राज्य में मलेरिया की स्थिति पर उन्होंने कहा कि वर्तमान में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी तथा रोकथाम संबंधी अभियान चला रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में दवा वितरण, जांच और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से संक्रमण को नियंत्रित रखने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि विभाग की सतत निगरानी और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों से स्थिति सामान्य बनी हुई है।
बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के लाभ को लेकर भी स्वास्थ्य मंत्री ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन के साथ बातचीत अंतिम चरण में है और जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। यदि सहमति बनती है तो बिलासपुर सहित आसपास के जिलों के पात्र मरीजों को योजना के तहत बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ निजी संस्थानों के सहयोग से भी आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और आयुष्मान भारत मिशन से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट https://pmjay.gov.in पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।







