रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था के लिए मंगलवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश पर प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून 2026 को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें गांव के विकास, सरकारी योजनाओं की प्रगति और पंचायतों की आर्थिक स्थिति पर खुलकर चर्चा होगी। इन ग्राम सभाओं का सबसे अहम एजेंडा आवास प्लस 2.0 योजना के तहत पात्र हितग्राहियों की सूची को अंतिम रूप देना है, जिससे उन गरीब परिवारों की पहचान सुनिश्चित की जा सके जो अभी तक पक्के मकान की सुविधा से वंचित हैं।
विशेष ग्राम सभाओं में केवल आवास योजना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायत विकास कार्य, रोजगार गारंटी योजना और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी। ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में सीधे शामिल करने के उद्देश्य से आयोजित इन बैठकों में पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायत के आय-व्यय का पूरा ब्यौरा भी सार्वजनिक करना होगा। पंचायत के खजाने से खर्च की गई राशि, विकास कार्यों की स्थिति और आगामी योजनाओं की प्राथमिकताओं पर ग्रामीणों की राय ली जाएगी। इससे पंचायतों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
ग्राम सभाओं में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए गए रोजगार के अवसरों पर भी चर्चा होगी। अब कई श्रेणियों के पात्र परिवारों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के परिणामों की भी समीक्षा की जाएगी, जिसके माध्यम से गांवों की वास्तविक स्थिति, विकास की गति और विभिन्न मानकों पर उनकी रैंकिंग का आकलन किया जाएगा। इससे यह तय करने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में अतिरिक्त संसाधनों और योजनाओं की आवश्यकता है।
प्रदेश के जिला प्रशासन और पंचायत विभाग ने ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव मुनादी कराई है और लोगों से अपने अधिकारों से जुड़े फैसलों में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि ग्राम सभा लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई है और गांव के विकास से जुड़े निर्णय तभी प्रभावी होंगे जब उनमें आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन बैठकों में लिए गए निर्णयों का ईमानदारी से पालन किया जाता है तो इससे ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
ग्राम पंचायतों और ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://prd.cg.gov.in देखी जा सकती है।







