धमतरी। युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और समाज में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से धमतरी जिले में ‘विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा’ अभियान के तहत अगले 100 सप्ताह तक व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इस अभियान को प्रभावी बनाने और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न स्वयंसेवी एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर अभियान की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना केवल प्रशासन का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों और युवाओं तक समय रहते सकारात्मक संदेश पहुंचाया जाए तथा परिवार, विद्यालय, सामाजिक संस्थाएं और प्रशासन मिलकर समन्वित प्रयास करें तो धमतरी को एक स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त जिला बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
कलेक्टर ने बताया कि आगामी 100 सप्ताह तक जिले में चरणबद्ध और सतत रूप से विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, महिला एवं युवा समूहों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सामाजिक संगठनों के समन्वय से नियमित गतिविधियां संचालित होंगी, ताकि नशामुक्ति का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। अभियान का उद्देश्य केवल नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना भी है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक रविवार को सोशल मीडिया, जनसंपर्क माध्यमों और स्थानीय स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत स्कूलों एवं महाविद्यालयों में चित्रकला, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं, जागरूकता रैलियां, वॉल पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक, शारीरिक प्रशिक्षण, सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण, मोबाइल एडिक्शन पर जागरूकता कार्यक्रम, योग सत्र तथा विशेषज्ञों द्वारा परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों और शिक्षकों की भी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे परिवार और समाज दोनों स्तर पर नशे के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, प्रत्येक विकासखंड में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी कार्यक्रम आयोजित करने तथा सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन का मानना है कि यदि अभियान में जनसहभागिता लगातार बनी रहती है तो यह केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक आंदोलन का रूप ले सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और मोबाइल की लत जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए समय-समय पर जागरूकता, परामर्श और सामुदायिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रयास न केवल युवाओं को सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर करेंगे, बल्कि समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। नशामुक्ति से जुड़ी विस्तृत जानकारी और जागरूकता सामग्री भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल पर भी उपलब्ध है: https://nmba.mohua.gov.in/







