
कुरूद। प्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले ही रासायनिक खाद और ईंधन संकट को लेकर सियासत तेज हो गई है। धमतरी जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए नई खाद वितरण नीति को किसान विरोधी करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीति और कुप्रबंधन के कारण “धनहा धमतरी” कहे जाने वाले जिले के किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर किसानों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने वृहताकार कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित कुरूद में ज्ञापन सौंपकर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि पहले किसानों को प्रति एकड़ दो बोरी डीएपी और तीन बोरी यूरिया आसानी से उपलब्ध हो जाती थी, जिससे खेती का काम सुचारु रूप से चलता था। लेकिन नई व्यवस्था में खाद का कोटा घटाकर प्रति एकड़ एक बोरी डीएपी और एक बोरी यूरिया कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि इतनी कम मात्रा में खेती करना संभव नहीं है और इससे उत्पादन प्रभावित होगा। साथ ही नई टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को प्राथमिक सेवा सहकारी समितियों में घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकारी सोसायटियों में खाद की उपलब्धता लगभग शून्य है, जबकि निजी दुकानों में वही खाद अधिक कीमत पर बेची जा रही है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में खाद संकट के साथ-साथ डीजल और पेट्रोल की कमी ने भी किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों के लिए पर्याप्त डीजल नहीं मिलने से खेतों की तैयारी प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईंधन वितरण में लिमिट तय किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिचौलियों और कालाबाजारियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण खुलेआम किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है।
उन्होंने मांग की कि किसानों को परेशान करने वाली नई खाद नीति और टोकन व्यवस्था को तत्काल निरस्त कर पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए। साथ ही खरीफ सीजन की आवश्यकता के अनुरूप सभी प्राथमिक सहकारी समितियों में डीएपी और यूरिया का पर्याप्त भंडारण युद्ध स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो चक्काजाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला महामंत्री रमेसर साहू, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष आशीष शर्मा, पार्षद उत्तम साहू, अर्जुन ध्रुव, मनीष साहू, ब्लॉक महामंत्री चंद्रप्रकाश देवांगन, तुकेश साहू, रामप्यारे साहू, ऐश्वर्य साहू, शत्रुहन साहू, खुखचैन ध्रुव, गोपाल भेखराज सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने प्रशासन से कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई और समय पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रदेश में खाद वितरण और कृषि योजनाओं से जुड़ी आधिकारिक जानकारी छत्तीसगढ़ कृषि विभाग पर उपलब्ध है।







