सरकारी शराब की कमी से फला-फूला अवैध कारोबार, धमतरी में हालात बेकाबू

वाइन शॉप नियर me

कुरुद। जिले में पहली बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जिसने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। सरकारी शराब दुकानों में देशी प्लेन मदिरा की भारी कमी से उपभोक्ता परेशान हैं, वहीं इस अभाव का लाभ उठाते हुए अवैध महुआ शराब का कारोबार तेजी से फैलता नजर आ रहा है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है।

सरकारी दुकानों में देशी प्लेन मदिरा का संकट
कुरुद क्षेत्र की सरकारी शराब दुकानों में पिछले कुछ दिनों से देशी प्लेन शराब के रैक खाली पड़े हैं। आबकारी विभाग द्वारा गुणवत्तायुक्त और सस्ती शराब उपलब्ध कराने के दावों के विपरीत, जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। देशी ठेकों में सर्वाधिक मांग वाली इस मदिरा के अभाव से उपभोक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।

इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि विभागीय आपूर्ति श्रृंखला अचानक क्यों बाधित हुई। अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

अवैध महुआ शराब का बढ़ता प्रचलन
सरकारी दुकानों में शराब उपलब्ध न होने के कारण लोग अब कोपेडीह सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं, जहां लंबे समय से अवैध महुआ शराब का निर्माण होता रहा है। मांग बढ़ते ही अवैध कारोबारियों ने कीमतों में मनमानी वृद्धि कर दी है।

जानकारी के अनुसार, पूर्व में ₹80 में मिलने वाली महुआ शराब की बोतल अब ₹200 तक बेची जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस शराब में मिलावट कर अधिक मुनाफा कमाया जा रहा है, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक साबित हो सकती है।

प्रशासनिक कार्यवाही पर उठते सवाल
कोपेडीह क्षेत्र में वर्षों से चल रहे इस अवैध कारोबार पर प्रशासन की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्यवाही का अभाव दिखाई दे रहा है।

स्मरणीय है कि लगभग एक वर्ष पूर्व जिला प्रशासन के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बावजूद वर्तमान में केवल औपचारिक दबिश की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि ठोस प्रकरण दर्ज नहीं हो रहे हैं।

ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या संबंधित विभागों को अवैध भट्ठियों और शराब के निर्माण की जानकारी नहीं है, या फिर यह स्थिति मिलीभगत की ओर संकेत कर रही है।

स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के लिए खतरा 
विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध और मिलावटी शराब का सेवन लिवर सहित अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। साथ ही, यह अवैध कारोबार क्षेत्र में कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है।

यह खबर भी पढ़ें- https://arpanews36.com/fenugreek-water-ke-fayde-empty-stomach-benefits/

Arpa News 36
Author: Arpa News 36