धमतरी। नए शिक्षा सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ ही जिले में विद्यार्थियों तक समय पर पाठ्यपुस्तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने वितरण कार्य में तेजी ला दी है। प्रशासन का दावा है कि जिले के अधिकांश संकुल केंद्रों तक पुस्तकें पहुंच चुकी हैं और शेष केंद्रों में भी 30 जून तक सभी आवश्यक पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी छात्र-छात्रा की पढ़ाई नए सत्र की शुरुआत में प्रभावित न हो और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक अध्ययन सामग्री समय पर मिल सके।
जिला शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 168 संकुल केंद्रों में से 123 संकुलों में पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूरा हो चुका है, जबकि शेष 45 संकुलों में वितरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम की ओर से लगातार पुस्तकों की आपूर्ति की जा रही है और पूरी व्यवस्था की नियमित निगरानी भी की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों में नई पुस्तकें अभी नहीं पहुंची हैं, वहां शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है। शिक्षक उपलब्ध पुस्तकों, वैकल्पिक अध्ययन सामग्री और अभ्यास पुस्तिकाओं के माध्यम से नियमित कक्षाएं संचालित कर रहे हैं।
इस बार कक्षा चौथी और सातवीं के पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिसके चलते नई पाठ्यपुस्तकों के अनुरूप शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि नए पाठ्यक्रम की प्रभावी समझ और बेहतर शिक्षण पद्धति से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। वहीं, पीएमश्री और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की कुछ पुस्तकें अभी पाठ्यपुस्तक निगम से प्राप्त होना शेष हैं। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि पुस्तकों की प्राप्ति होते ही उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विद्यालयों तक पहुंचा दिया जाएगा।
इधर, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के लिए कक्षा पहली से दसवीं तक की हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम की नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण हेतु संशोधित कार्ययोजना भी जारी कर दी गई है। इसके तहत कुरूद विकासखंड में 5 और 6 जुलाई, धमतरी में 7 से 9 जुलाई तथा मगरलोड और नगरी विकासखंड में 7 और 8 जुलाई को संबंधित डिपो से पुस्तकों का वितरण किया जाएगा। प्रशासन ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 जुलाई तक सभी विद्यालयों में पुस्तक आपूर्ति पूरी करने का लक्ष्य तय किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी तक समयबद्ध तरीके से पाठ्यपुस्तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए शिक्षा विभाग और छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के बीच लगातार समन्वय स्थापित किया गया है। पाठ्यपुस्तकों और शैक्षणिक योजनाओं से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए अभिभावक और विद्यार्थी छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे अपने संकुल केंद्र, विकासखंड शिक्षा कार्यालय या जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क करें।https://eduportal.cg.nic.in/?utm_source=chatgpt.com







