खाद की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन सख्त, दो लाइसेंस निलंबित, तीन को नोटिस

कुरुद। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और अनियमित बिक्री पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा धमतरी जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों में आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया गया। जांच के दौरान कई केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासन ने दो विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए, जबकि तीन अन्य विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कृषि विभाग की टीम ने रूपाली कृषि केन्द्र, यादव खाद भण्डार, कैलाश सेल्स धमतरी, सांई कृषि, सूरज कृषि, कुणाल कृषि केन्द्र कोलियारी, भगवती कृषि, संजय कृषि केन्द्र आमदी सहित विकासखंड कुरूद के किसान सेवा केन्द्र मड़ईभाठा, साहू कृषि इर्रा, किसान बीज कोर्रा, सुनील कृषि कचना और सत्यम शिवम कृषक क्लब भखारा का निरीक्षण किया। इस दौरान पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। कई दुकानों में मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं की गई थी, जो उर्वरक नियंत्रण संबंधी नियमों का उल्लंघन माना गया।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने और रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां पाए जाने के कारण यादव खाद भण्डार दानीटोला और रूपाली कृषि केन्द्र रामबाग धमतरी के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा कुणाल कृषि, सूरज कृषि केन्द्र कोलियारी और सांई कृपा कृषि केन्द्र दानीटोला में निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने कहा है कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद और बीज की किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है और उर्वरकों के वितरण तंत्र पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा खरीदारी के समय रसीद अवश्य लें। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलता है, खाद की कृत्रिम कमी पैदा करता है या बिना बिल के बिक्री करता है तो इसकी जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें।

उर्वरक वितरण और किसानों से जुड़ी योजनाओं की अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि समय पर पर्याप्त खाद और बीज उपलब्ध होने से जिले में खरीफ फसलों का रकबा और उत्पादन दोनों बढ़ेंगे, जिससे किसानों की आय में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।https://agricoop.nic.in?utm_source=chatgpt.com

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan