पान मसाला की प्लास्टिक पैकिंग पर रोक, अब टिन और कांच के कंटेनर होंगे विकल्प

 

नई दिल्ली। पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नियमों को सख्त कर दिया है। अब पान मसाला की पैकिंग में प्लास्टिक और प्लास्टिक आधारित सामग्री के इस्तेमाल पर रोक लागू की गई है। नए प्रावधानों के तहत पान मसाला की पैकेजिंग के लिए पेपर, पेपर बोर्ड, सेलूलोज या अन्य प्राकृतिक रूप से प्राप्त सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इनमें किसी भी तरह का प्लास्टिक, सिंथेटिक पॉलिमर, को-पॉलिमर, लेमिनेट, एल्युमिनियम फॉयल या मेटलाइज्ड लेयर नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा टिन या कांच के कंटेनर भी पैकेजिंग के लिए मान्य विकल्प रखे गए हैं। FSSAI के प्रावधानों में गुटखा, तंबाकू और पान मसाला की बिक्री या पैकिंग के लिए प्लास्टिक सैशे के इस्तेमाल पर भी रोक का उल्लेख है।

दरअसल, पान मसाला और गुटखा की छोटी प्लास्टिक या प्लास्टिक-लैमिनेटेड पन्नियां लंबे समय तक कचरे के रूप में बनी रहती हैं और इनके निस्तारण को लेकर पर्यावरणीय चिंता लगातार बनी हुई है। FSSAI ने इसी दिशा में पैकेजिंग के लिए अधिक टिकाऊ विकल्पों को बढ़ावा देने की पहल की है। अप्रैल 2026 में जारी मसौदा अधिसूचना में भी पान मसाला के लिए प्राकृतिक सामग्री से बनी पैकिंग तथा टिन और कांच के कंटेनरों को विकल्प के तौर पर प्रस्तावित किया गया था। मसौदे में पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलिएस्टर, PVC और अन्य सिंथेटिक पॉलिमर के साथ एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर पर रोक का प्रावधान रखा गया था।

नए नियम का सीधा असर पान मसाला बनाने वाली कंपनियों की पैकेजिंग व्यवस्था पर पड़ेगा। अब कंपनियों को प्लास्टिक आधारित छोटे सैशे की जगह निर्धारित वैकल्पिक पैकेजिंग अपनानी होगी। हालांकि, इस कदम का अर्थ पान मसाला या गुटखा उत्पादों की बिक्री पर देशभर में पूर्ण प्रतिबंध लगना नहीं है। मौजूदा फैसला मुख्य रूप से पैकेजिंग सामग्री को लेकर है। यानी नियामक का फोकस उत्पाद के पैकेज को प्लास्टिक मुक्त करने पर है। नियमों के पालन की जिम्मेदारी निर्माताओं और संबंधित खाद्य कारोबारियों पर होगी तथा उल्लंघन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

पैकेजिंग में बदलाव से कंपनियों की उत्पादन और पैकिंग लागत पर भी असर पड़ने की संभावना है। उद्योग के लिए सबसे बड़ी चुनौती छोटे और कम कीमत वाले सैशे की जगह ऐसे विकल्प विकसित करना होगी जो खाद्य सुरक्षा मानकों को पूरा करने के साथ व्यावहारिक और लागत प्रभावी भी हों। FSSAI की पहल का उद्देश्य खाद्य पैकेजिंग में सुरक्षित और टिकाऊ विकल्पों को बढ़ावा देना है। पान मसाला पैकेजिंग से जुड़े आधिकारिक प्रावधान और अधिसूचनाएं FSSAI की आधिकारिक अधिसूचना पर देखी जा सकती हैं।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan