कुरुद । आदिवासी समाज की वीरांगना और देश की महान योद्धा रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस बुधवार को कुरुद और सिहाद में श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में समाज के लोगों ने रानी दुर्गावती के शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शामिल हुए कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि रानी दुर्गावती केवल आदिवासी समाज की नहीं, बल्कि पूरे देश की प्रेरणा हैं और उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है।
आदिवासी ध्रुव गोंड सामुदायिक भवन, कुरुद में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत रानी दुर्गावती के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद परिसर में वृक्षारोपण किया गया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। सामाजिक पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि रानी दुर्गावती ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने राज्य और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया और उनके त्याग तथा बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने समाज के युवाओं से इतिहास को जानने और अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बसंत ध्रुव, रामेश्वर, कमलेश, हेमंत, रोशन, पेमार्ट मांडवी, ढेलूराम ध्रुव, माधव, आनंद ध्रुव, गंगाबाई मंडावी, सूरज ध्रुव, केजा, तुलसी, इनटो, सुभद्रा, सुनीति, कलाबाई, शकून और हिना ध्रुव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत सिहाद में आदिवासी समाज के आमंत्रण पर पहुंचे विधायक अजय चंद्राकर ने रानी दुर्गावती के जीवन संघर्ष और आदिवासी समाज की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के इतिहास में ऐसे महान व्यक्तित्व सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, आत्मबल और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने में रानी दुर्गावती का योगदान सदियों तक याद किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान नवनिर्वाचित सामुदायिक भवन का उद्घाटन भी किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने विधायक अजय चंद्राकर को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए केक काटकर उनके स्वस्थ, दीर्घ और सफल राजनीतिक जीवन की कामना की। जनपद अध्यक्ष गितेश्वरी साहू ने भी अपने विचार रखते हुए समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर बल दिया। कार्यक्रम में सिंधु बैस, पूजा सिन्हा, सरिता बैस, खुशी साहू, छत्रपाल बैस सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
रानी दुर्गावती के जीवन और ऐतिहासिक योगदान से संबंधित अधिक जानकारी भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय – रानी दुर्गावती https://amritmahotsav.nic.in/unsung-heroes-detail.htm?269=&utm_source=chatgpt.com







