दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के तत्वाधान में आगामी 2 और 3 मई को अंडर-7 राज्य शतरंज चैंपियनशिप का आयोजन रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा। यह प्रतियोगिता संघ के कार्यालय परिसर में आयोजित होगी, जिसमें प्रदेश भर से नन्हे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इस स्पर्धा में चयनित दो बालक और दो बालिका खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की अंडर-7 शतरंज प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिससे यह प्रतियोगिता प्रतिभागियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी।
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय नियमों के आधार पर कुल छह चक्रों में खेली जाएगी, जिससे प्रतिभागियों की तकनीकी क्षमता और रणनीतिक समझ का आकलन किया जा सके। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सामान्य प्रवेश शुल्क 500 रुपए निर्धारित किया गया है, जबकि बस्तर और सरगुजा संभाग के प्रतिभागियों के लिए यह शुल्क 250 रुपए रखा गया है। साथ ही, सभी प्रतिभागियों के लिए संघ में पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, ताकि प्रतियोगिता का संचालन सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से किया जा सके। प्रतियोगिता से संबंधित विस्तृत जानकारी और पंजीकरण प्रक्रिया के लिए इच्छुक प्रतिभागी आधिकारिक वेबसाइट https://aicf.in पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान की जाएगी, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप मेडल और ई-सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। आयोजन समिति ने बताया कि इंटरनेशनल आर्बिटर रॉकी देवांगन प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक होंगे, जिनके मार्गदर्शन में पूरी स्पर्धा निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप संचालित होगी। वहीं, रजिस्ट्रेशन प्रभारी के रूप में फीडे आर्बिटर अनिल शर्मा और आवास व्यवस्था की जिम्मेदारी दीपांकर सेन गुप्ता को सौंपी गई है।
शतरंज जैसे बौद्धिक खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और अभिभावकों में उत्साह देखा जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल बच्चों की मानसिक क्षमता को विकसित करती हैं, बल्कि उन्हें अनुशासन और निर्णय लेने की क्षमता भी सिखाती हैं। आयोजन समिति ने प्रतिभागियों और अभिभावकों से समय पर पंजीकरण कराने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि प्रतियोगिता सफल और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।







