ईडी के शिकंजे में पंजाब सरकार, कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा गिरफ्तार

चंडीगढ़। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को शनिवार को बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक झटका लगा, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को कथित फर्जी जीएसटी खरीद बिल और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। केंद्रीय एजेंसी ने करीब सात घंटे तक चली छापेमारी और पूछताछ के बाद चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास से अरोड़ा को हिरासत में लिया। सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान उनके बेटे को भी एजेंसी ने पूछताछ के दायरे में लिया है और गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। ईडी की इस कार्रवाई ने पंजाब की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।

अधिकारियों के अनुसार, यह मामला 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित फर्जी जीएसटी खरीद बिलों और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत नया मामला दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई की। शनिवार सुबह शुरू हुई छापेमारी चंडीगढ़, दिल्ली और हरियाणा के गुरुग्राम स्थित कई परिसरों में की गई। इनमें ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ नामक कंपनी का दफ्तर और उससे जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में रहे। एजेंसी को आशंका है कि फर्जी बिलिंग और शेल कंपनियों के जरिए बड़े स्तर पर धन के लेनदेन को वैध दिखाने की कोशिश की गई।

ईडी अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान कई वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और कारोबारी लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए गए हैं। इससे पहले अप्रैल महीने में भी ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़ी इकाइयों पर छापेमारी की थी। उस समय एजेंसी ने कुछ वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू की थी, जिसके बाद अब मामला मनी लॉन्ड्रिंग तक पहुंच गया है। हालांकि, अरोड़ा या आम आदमी पार्टी की ओर से गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

62 वर्षीय संजीव अरोड़ा पंजाब के लुधियाना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और उद्योग जगत से राजनीति में आए प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब विपक्ष लगातार पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कार्रवाई का असर आगामी राजनीतिक रणनीतियों और सरकार की छवि पर पड़ सकता है। वहीं, जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में आगे और लोगों से पूछताछ की जा सकती है तथा वित्तीय नेटवर्क की गहराई से जांच जारी रहेगी।इस मामले से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए Enforcement Directorate Official Website देखा जा सकता है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan