
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ एक व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान अब राष्ट्रीय स्तर की चर्चा का विषय बन गया है। ‘Cockroach Janata Party (CJP)’ नाम से शुरू हुई यह पहल महज कुछ दिनों में लाखों-करोड़ों लोगों की नजरों में आ गई है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह पूरा विवाद उस कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” और “परजीवी” से की थी। हालांकि बाद में इस टिप्पणी को लेकर सफाई भी सामने आई और कहा गया कि यह टिप्पणी बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं, बल्कि फर्जी डिग्रियों और व्यवस्था का दुरुपयोग करने वालों के संदर्भ में थी। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई और इसी माहौल में ‘Cockroach Janata Party’ तेजी से वायरल हो गई। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर पार्टी के फॉलोअर्स की संख्या कुछ ही दिनों में करोड़ के करीब पहुंच गई, जिससे यह सोशल मीडिया पर सबसे तेजी से बढ़ने वाले अभियानों में शामिल हो गई।
इस डिजिटल अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत दीपके ने की है, जो वर्तमान में अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की पढ़ाई कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे वर्ष 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम में वॉलंटियर के रूप में भी काम कर चुके हैं। अभिजीत ने एक साक्षात्कार में कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही बहस के दौरान उनके मन में यह सवाल आया कि “अगर सारे कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा?” इसी विचार को उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप देते हुए ‘Cockroach Janata Party’ की शुरुआत की, जिसका स्लोगन “Secular, Socialist, Democratic, Lazy” रखा गया है। पार्टी खुद को युवाओं का मंच बताती है और इसका कंटेंट मुख्य रूप से व्यंग्य, मीम्स और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर आधारित है।
दिलचस्प बात यह है कि CJP ने सदस्यता के लिए मजाकिया अंदाज में चार “योग्यताएं” भी जारी की हैं, जिनमें बेरोजगार होना, “आलसी” रहना, हमेशा ऑनलाइन सक्रिय रहना और “प्रोफेशनली भड़ास निकालने” की क्षमता शामिल है। पार्टी का कथित मैनिफेस्टो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कई व्यंग्यात्मक वादे किए गए हैं। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसे फिलहाल एक औपचारिक राजनीतिक दल की बजाय सोशल मीडिया आधारित व्यंग्यात्मक आंदोलन के रूप में देखना अधिक उचित होगा। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सोशल मीडिया अभियानों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती है, लेकिन उनका वास्तविक सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव समय के साथ ही स्पष्ट हो पाता है। इस पूरे घटनाक्रम से यह भी सामने आया है कि युवा वर्ग सोशल मीडिया के जरिए अपनी असहमति और विचारों को नए तरीकों से सामने रख रहा है। ‘Cockroach Janata Party’ से जुड़ी सार्वजनिक जानकारी उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और संबंधित रिपोर्ट्स में देखी जा सकती है। BBC Hindihttps://www.bbc.com/hindi?utm_source=chatgpt.com

