साईं राइस मिल में भीषण आग, लाखों का धान और बारदाना खाक

छत्तीसगढ़। भीषण गर्मी के बीच कुरूद ब्लॉक के भोथली मार्ग स्थित साईं राइस मिल में शनिवार दोपहर अचानक लगी आग ने भारी तबाही मचा दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 3 बजे हाईटेंशन बिजली तार में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण मिल परिसर के बारदाना शेड में आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना के समय मिल में मौजूद कर्मचारियों ने सतर्कता दिखाते हुए तत्काल बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। आगजनी और आपदा प्रबंधन से जुड़ी जानकारी राज्य के आधिकारिक पोर्टल Chhattisgarh State Disaster Management Authority पर उपलब्ध है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि बारदाना शेड में रखा अधिकांश सामान चंद मिनटों में जलने लगा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कुरूद नगर पालिका की दमकल वाहन सर्विसिंग के लिए भिलाई भेजी गई थी। ऐसे में तत्काल धमतरी नगर निगम से दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। धमतरी से पहुंची फायर ब्रिगेड टीम और मिल कर्मचारियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो चुका था। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।

साईं राइस मिल के संचालक विनय अग्रवाल ने बताया कि आगजनी में एक लाख से अधिक धान के कट्टे, हजारों प्लास्टिक बोरियां और पैकेजिंग सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार मिल को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारण कुछ समय के लिए कुरूद-भोथली मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि यदि कुरूद की फायर ब्रिगेड सेवा समय पर उपलब्ध होती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। घटना के बाद बिजली व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों और गोदाम संचालकों को गर्मी के मौसम में बिजली उपकरणों की नियमित जांच और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह भी दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan