मानसून से पहले अलर्ट मोड में सरकार, बाढ़ नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश

रायपुर आगामी मानसून को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य में संभावित अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ की स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए शासन स्तर पर व्यापक रणनीति तैयार की गई है। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय बाढ़ नियंत्रण समिति की बैठक में सभी विभागों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों, नियंत्रण कक्षों की व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।

मुख्य सचिव ने राज्य के सभी जिला कलेक्टर्स और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्षों को मानसून 2026 के मद्देनजर पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 1 जून से सभी जिलों को प्रतिदिन वर्षा की स्थिति और उससे होने वाले संभावित नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी। प्रत्येक जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तत्काल सुनिश्चित करने को कहा गया है। राज्य स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है, वहीं सभी जिला मुख्यालयों में भी कंट्रोल रूम स्थापित किए जा चुके हैं ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता और समन्वय किया जा सके।

बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने जानकारी दी कि जून माह में मानसून सक्रिय होने की संभावना है, जिसे देखते हुए संवेदनशील और पहुंचविहीन क्षेत्रों में खाद्यान्न, नमक, केरोसिन और जीवन रक्षक दवाओं का अग्रिम भंडारण करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष मेडिकल टीम गठित करने कहा गया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने तथा ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। जल संसाधन विभाग, नगर सेना और नागरिक सुरक्षा विभाग को हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होने वाले निचले इलाकों में चौबीसों घंटे निगरानी रखने और मोटरबोट सहित बचाव उपकरणों की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि बड़े बांधों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पानी छोड़े जाने से कम से कम 12 घंटे पहले निचले जिलों और सीमावर्ती राज्यों को अलर्ट जारी करना अनिवार्य होगा। लोक निर्माण विभाग को जर्जर पुल-पुलियों, रपटों और सरकारी भवनों की पहचान कर तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग को शहरों की नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने कहा गया ताकि जलभराव की समस्या न बढ़े। वन विभाग को बाढ़ प्रभावितों के लिए बांस-बल्ली का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कृषि और मौसम विभाग को किसानों तक मौसम संबंधी चेतावनियां और पूर्वानुमान मोबाइल ऐप्स के माध्यम से पहुंचाने को कहा गया है। फसलों को नुकसान होने की स्थिति में राजस्व, कृषि और उद्यानिकी विभाग संयुक्त सर्वे कर त्वरित रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। बैठक में जर्जर भवनों में रह रहे लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और आपदा प्रबंधन मोबाइल ऐप्स के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मानसून और मौसम से जुड़ी अधिक जानकारी India Meteorological Department पर देखी जा सकती है।https://mausam.imd.gov.in?utm_source=chatgpt.com

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan