कुरुद। जिला कांग्रेस कमेटी धमतरी की अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चढ़ावा चोरी से जुड़ी सामने आई खबरों को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी अथवा उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या दान राशि के दुरुपयोग के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाई जानी चाहिए।
तारिणी चंद्राकर ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु पूर्ण विश्वास के साथ मंदिर में दान एवं चढ़ावा अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित धनराशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। यदि चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर किसी प्रकार के आरोप सामने आते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सत्य सामने आ सके। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए और जनता का विश्वास बनाए रखना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि देश की जनता और रामभक्तों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि भगवान श्रीराम के नाम पर श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई राशि का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे और भविष्य में इस प्रकार के आरोपों की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
अपने बयान में उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन और मंदिर प्रबंधन से जुड़े रहे हैं, इसलिए उनके ऊपर यह नैतिक जिम्मेदारी भी बनती है कि इस मामले में सामने आए आरोपों पर स्पष्ट स्थिति रखें। उन्होंने कहा कि यदि आरोप निराधार हैं तो उन्हें तथ्यों के साथ सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हालांकि, इस संबंध में संबंधित मंदिर ट्रस्ट अथवा अन्य सक्षम प्राधिकरण की ओर से आधिकारिक रूप से जो भी तथ्य और जांच रिपोर्ट सामने आएगी, वही अंतिम रूप से स्थिति स्पष्ट करेगी। इस विषय से संबंधित आधिकारिक जानकारी और मंदिर प्रबंधन की गतिविधियों के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट https://srjbtkshetra.org/ देखी जा सकती है।







