रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का दोहरा स्वरूप लोगों के लिए चुनौती और राहत दोनों लेकर आया है। प्रदेश के मैदानी और उत्तरी जिलों में जहां भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है, वहीं दक्षिणी बस्तर के कुछ हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना ने राहत की उम्मीद जगाई है। नौतपा की शुरुआत के साथ ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम होती दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक तेज गर्मी और हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है, हालांकि इसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव दर्ज नहीं किया गया। राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा दुर्ग में 44.7 डिग्री, बिलासपुर में 44.5 डिग्री, अंबिकापुर में 42.4 डिग्री, पेंड्रारोड में 42.2 डिग्री और जगदलपुर में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राजधानी रायपुर में भी पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिसके चलते दोपहर के समय ग्रीष्म लहर चलने की आशंका बनी हुई है। न्यूनतम तापमान में भी ज्यादा राहत नहीं मिली है और अंबिकापुर में सबसे कम 27.6 डिग्री तापमान दर्ज होने के बावजूद उमस भरी गर्मी महसूस की जा रही है।
दूसरी ओर, दक्षिणी बस्तर के छह जिलों में मौसम का मिजाज बदलने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि 29 मई से प्रदेश में मानसून पूर्व गतिविधियां तेज हो सकती हैं, जिससे कई जिलों में तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। प्रशासन ने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी और अलर्ट के लिए India Meteorological Department (IMD) देखा जा सकता है।https://mausam.imd.gov.in?utm_source=chatgpt.com







