श्मशान घाट तक पहुंचा अवैध उत्खनन, रेत खनन में निकले मानव कंकाल

छत्तीसगढ़। जिले के खरेंगा गांव में कथित अवैध रेत उत्खनन को लेकर एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीणों की आस्था, प्रशासनिक निगरानी और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत की लालच में गांव के श्मशान घाट क्षेत्र तक खुदाई कर दी गई, जिसके दौरान मानव कंकाल और अस्थियों के अवशेष बाहर निकलने लगे। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग इसे केवल अवैध खनन नहीं, बल्कि मृतकों की गरिमा और सामाजिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर वर्षों से अंतिम संस्कार किए जाते रहे हैं, वहीं अब ट्रैक्टरों और मशीनों के जरिए रेत निकासी की जा रही थी। उत्खनन के दौरान जब मानव अवशेष बाहर आने लगे तो गांव के लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति देखकर स्तब्ध रह गए।

स्थानीय ग्रामीण योगेश्वर साहू ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोग लंबे समय से सक्रिय हैं और विरोध करने वालों को धमकी, गाली-गलौज तथा विवाद की स्थिति का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर नियम और प्रतिबंध तय होने के बावजूद कथित रेत कारोबारियों ने किसी दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया। गांव के पूर्व सरपंच ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि बाहर निकल रहे कंकाल किसी के परिजन हैं, जिन्हें पूरे सम्मान और रीति-रिवाज के साथ अंतिम विदाई दी गई थी। ऐसे में श्मशान घाट क्षेत्र में खनन होना पूरे गांव की भावनाओं को आहत करने वाला विषय है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि लंबे समय से रात-दिन रेत निकासी की जा रही थी और कई बार मानव अवशेष निकलने के बाद उन्हें दोबारा मिट्टी में दबा दिया जाता था।

मामले के सामने आने के बाद अब खनिज विभाग और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ समय पहले ही जिला प्रशासन की ओर से अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा किया गया था। विभाग ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत कार्रवाई और नियमित निरीक्षण की बात कही थी। इसके बावजूद ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि खरेंगा क्षेत्र में निगरानी और कार्रवाई हो रही थी, तो श्मशान घाट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में उत्खनन कैसे जारी रहा। अब गांव में मांग उठ रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में धार्मिक और सामाजिक महत्व वाले स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अवैध खनन से जुड़े नियमों और विभागीय प्रावधानों की जानकारी के लिए राज्य खनिज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://खनिज.cg.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan