कुरुद। नगर के विकास की दिशा में बड़े बदलाव की तैयारी के बीच कुरुद में अब पुरानी संरचनाओं और वर्षों पुरानी व्यवस्थाओं को नए सिरे से व्यवस्थित करने की कवायद तेज हो गई है। नगर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की मदद से एक व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है, जिसके केंद्र में नगर के भीतर स्थित पुरानी व्यवस्थाओं का पुनर्गठन और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार शामिल है। कुरुद लंबे समय से कृषि और व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है तथा यहां मंडी व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक अजय चन्द्राकर पिछले कुछ समय से नगर के अलग-अलग वर्गों के लोगों से लगातार चर्चा कर नगर के भावी स्वरूप को लेकर रायशुमारी कर रहे हैं। इसी क्रम में नगर के मध्य स्थित वर्षों पुरानी और अब सीमित उपयोग वाली मंडी क्षेत्र के हिस्से को नगर पालिका को दिलाने की प्रक्रिया पूरी की गई है। जानकारी के अनुसार बायपास मार्ग पर स्थित नई मंडी से लगी नगर निकाय की करीब 1 एकड़ 33 डिसमिल भूमि के बदले मंडी बोर्ड से 96 डिसमिल पुरानी मंडी की जमीन हासिल की गई है। मंडी व्यवस्था राज्य कृषि विपणन प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है और इसके लिए विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
नगर के भीतर स्थित इस नई उपलब्ध जमीन का उपयोग किस प्रकार किया जाए, इसे लेकर भी जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार सामाजिक और व्यावसायिक समूहों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। मिलर्स, व्यापारियों, पत्रकारों और स्थानीय प्रतिनिधियों से अलग-अलग बैठक कर सुझाव लिए जा रहे हैं ताकि भविष्य में किसी बड़े बदलाव को लेकर जनसहमति तैयार की जा सके। वहीं दूसरी ओर नगर के भीतर संचालित कुछ दशकों पुराने शासकीय संस्थानों को भी शहर के बाहरी हिस्सों में स्थानांतरित करने की योजना पर काम जारी है। इसमें कुछ शासकीय स्कूलों के अलावा पशु औषधालय और वन विभाग से जुड़े ढांचों को नई जगहों पर स्थापित करने की प्रक्रिया शामिल बताई जा रही है।
इसी कड़ी में पुराना बाजार क्षेत्र स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय को शंकर नगर स्थित पशु औषधालय परिसर में स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए अतिरिक्त कक्ष निर्माण का भूमिपूजन कार्यक्रम 4 जून को प्रस्तावित किया गया है, जिसमें विधायक अजय चन्द्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानु चन्द्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। हालांकि नगर के भीतर इतने बड़े स्तर पर प्रस्तावित पुनर्संरचना को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा भी तेज है और विपक्षी पक्ष से संभावित विरोध की सुगबुगाहट भी सुनाई दे रही है। ऐसे में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कोशिश है कि विकास योजनाओं को लेकर लोगों के बीच सहमति और भरोसा मजबूत किया जाए ताकि आने वाले वर्षों में नगर को अधिक व्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाया जा सके।
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