कुरुद। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर संभाग के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा ने कुरुद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नारी और कोकड़ी स्थित सहकारी संस्थाओं का निरीक्षण कर किसानों, बुनकरों तथा समिति पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि सहकारी समितियां केवल शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण विकास को गति देने और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों, व्यवस्थापकों एवं प्राधिकृत अधिकारियों के साथ बैठक लेकर सहकारिता के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समितियों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जनकेंद्रित बनाया जाए, ताकि किसानों को समय पर ऋण, खाद, बीज और अन्य सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें।
निरीक्षण के दौरान निरंजन सिन्हा ने कहा कि कृषि देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन बदलते समय में केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने लघु एवं सीमांत किसानों को पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और अन्य सहायक व्यवसायों से जोड़कर आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी देकर उन्हें नई संभावनाओं से जोड़ा जाए। उनके अनुसार सहकारिता के माध्यम से किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले तो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। इसके बाद उन्होंने कोकड़ी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तथा महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित बुनकर केंद्र का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने साड़ी बुनने वाली महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पारंपरिक हस्तशिल्प और बुनकरी को सहकारिता से जोड़कर महिलाओं की आय बढ़ाई जा सकती है तथा स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है।
निरंजन सिन्हा ने समिति स्टाफ और पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि किसानों को केवल योजनाओं की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाने की जिम्मेदारी भी समितियों की है। उन्होंने समिति एवं पंचायत पदाधिकारियों दिलीप चक्रधारी, नरेंद्र ध्रुवंशी, कमलेश साहू, योगेश्वर साहू, उत्तम शर्मा, देवलाल साहू, नरेश, महेंद्र, गोपेश्वर साहू, रिखीराम और कौशल साहू सहित अन्य लोगों से चर्चा करते हुए कहा कि यदि किसानों को समय पर खाद, ऋण, तकनीकी सलाह और बाजार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाए तो गांवों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों और मजबूत सहकारिता व्यवस्था के माध्यम से “सहकार से समृद्धि” का संकल्प प्रत्येक किसान, प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार तक पहुंचाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर संभाग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद निरंजन सिन्हा लगातार क्षेत्र का दौरा कर समितियों की कार्यप्रणाली का जायजा ले रहे हैं और किसानों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सहकारी क्षेत्र और योजनाओं से संबंधित अधिक जानकारी राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की आधिकारिक वेबसाइट https://www.ncdc.in पर प्राप्त की जा सकती है।







