छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत पक्का मकान पाने की उम्मीद लगाए बैठे हजारों गरीब परिवारों के सामने अब समयसीमा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश में स्वीकृत करीब 14 हजार प्रधानमंत्री आवास अब भी अधूरे पड़े हैं और केंद्र सरकार की ओर से अनुदान राशि जारी करने की अंतिम समय-सीमा सितंबर 2026 तय किए जाने के बाद राज्य सरकार और नगरीय प्रशासन विभाग की चिंता बढ़ गई है। यदि निर्धारित अवधि तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता रुक सकती है, जिससे हजारों हितग्राहियों के सपनों का आशियाना अधूरा रह जाने का खतरा पैदा हो गया है। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि सितंबर के बाद राज्य सरकार भी राज्यांश की राशि जारी नहीं करेगी। ऐसे में समयसीमा के भीतर काम पूरा नहीं करने वाले नगरीय निकायों को शेष निर्माण अपने संसाधनों से कराना होगा।
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शुरुआत 25 जून 2015 को हुई थी, जिसमें मकान निर्माण के लिए 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। अब तक स्वीकृत 2,06,118 मकानों में से 1,91,819 आवास पूरे हो चुके हैं, लेकिन 14,299 मकान अभी भी विभिन्न चरणों में अटके हैं। इनमें 14 नगर निगमों के 2,671, 55 नगर पालिकाओं के 5,607 और 97 नगर पंचायतों के 5,886 मकान शामिल हैं। धमतरी, रायपुर, रिसाली, राजनांदगांव, बिलासपुर और भिलाई जैसे शहरों में किफायती आवास में साझेदारी (एएचपी) घटक के तहत 1,200 से अधिक मकानों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है, जहां कई जगहों पर निर्माण केवल नींव और पिलर तक सीमित है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के भूमिहीन परिवारों को बहुमंजिला फ्लैट उपलब्ध कराना है, लेकिन तकनीकी अड़चनों, ठेकेदारों की सुस्ती और भुगतान संबंधी समस्याओं के कारण काम अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है। 4 जून 2026 को मुख्य सचिव विकासशील ने नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर पीएम आवास योजना 1.0 और 2.0 की प्रगति की समीक्षा की, वहीं विभागीय सचिव शंगीता आर ने भी मैदानी अमले के साथ समीक्षा बैठक कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। विभाग ने सभी नगरीय निकायों को वार्ड स्तर पर जाकर अधूरे आवासों की समीक्षा करने, हितग्राहियों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने और जिओ-टैगिंग प्रक्रिया पूरी कर अगली किस्त समय पर जारी करने के निर्देश दिए हैं। राज्य स्तर पर अब साप्ताहिक डिजिटल मॉनिटरिंग भी शुरू कर दी गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय रहते आवास का लाभ मिल सके। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से संबंधित अधिक जानकारी पीएम आवास योजना (शहरी) आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।







