खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 859 बोरी उर्वरक जब्त

कुरुद। खरीफ सीजन के बीच किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने उर्वरकों की कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में कृषि विभाग और उर्वरक निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने कुरुद, मगरलोड और नगरी क्षेत्र के कई उर्वरक विक्रय केन्द्रों में छापेमार कार्रवाई करते हुए 859 बोरी रासायनिक उर्वरक और 700 बोरी जैविक खाद जब्त की है। साथ ही गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार, विकासखंड मगरलोड के करेली छोटी स्थित मेसर्स वंदना खाद भंडार में निरीक्षण के दौरान किसानों को निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने और कैश मेमो जारी नहीं करने की शिकायत सही पाई गई। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान में बड़ी मात्रा में उर्वरक का भंडारण मिला, जिसमें 269 बोरी यूरिया, 354 बोरी एनपीके और 236 बोरी डीएपी सहित कुल 859 बोरी रासायनिक उर्वरक जब्त किए गए। मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। वहीं, कुरुद क्षेत्र के मेसर्स चण्डी ट्रेडर्स और किसान ट्रेडर्स में भौतिक सत्यापन के दौरान पॉस मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा निर्धारित बोर्ड पर मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित नहीं करने जैसी अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि के दौरान इन प्रतिष्ठानों से किसी भी प्रकार के उर्वरक विक्रय पर पूरी तरह रोक रहेगी।

इसी क्रम में नगरी विकासखंड के बेलरगांव स्थित पवार ट्रेडर्स में बिना अनुमोदन 600 बोरी जैविक खाद का भंडारण पाया गया, जबकि जय किसान ट्रेडर्स में 100 बोरी जैविक खाद मिलने पर दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सामग्री जब्त की गई है। धमतरी कलेक्टर ने साफ कहा है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और उर्वरकों की कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली, स्टॉक छिपाने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक या अन्य कृषि सामग्री खरीदते समय पक्का बिल अवश्य लें और यदि कोई विक्रेता अधिक कीमत वसूले या बिल देने से इनकार करे तो तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उर्वरक नियमों और कृषि संबंधी जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://agricoop.nic.in पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan