स्कूल में ताला, क्लास में कैद रही मासूम छात्रा, शाम को परिजनों ने तोड़कर बचाया

कुरूद। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड अंतर्गत ग्राम कठौली स्थित पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला में शिक्षकों की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्कूल की छुट्टी के बाद पहली कक्षा की एक मासूम छात्रा कक्षा के भीतर ही रह गई, जबकि शिक्षक बिना सभी कमरों की अंतिम जांच किए स्कूल में ताला लगाकर घर चले गए। कई घंटे तक बच्ची स्कूल के अंदर बंद रही। जब शाम तक वह घर नहीं पहुंची तो चिंतित परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद परिजन स्कूल पहुंचे, जहां अंदर से रोने और मदद की आवाज सुनाई देने पर उन्होंने स्कूल का ताला तोड़कर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद गांव में स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को ग्राम कठौली के पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला में हुई। छात्रा रोज की तरह पढ़ाई के लिए स्कूल गई थी, लेकिन छुट्टी के बाद वह घर नहीं लौटी। छात्रा के चाचा भोजराज निषाद ने बताया कि पहले उन्होंने आसपास और बच्ची की सहेलियों के घर तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं चलने पर परिजन स्कूल पहुंचे। स्कूल परिसर का मुख्य गेट बंद होने के कारण वे बाउंड्रीवॉल फांदकर अंदर पहुंचे। चैनल गेट के पास आवाज लगाने पर कक्षा के भीतर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद परिजनों ने ताला तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही स्कूल के शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए। राहत की बात यह रही कि बच्ची सुरक्षित थी, हालांकि कई घंटे तक बंद रहने के कारण वह काफी डरी और सहमी हुई थी।

बताया जा रहा है कि यह विद्यालय जिला पंचायत उपाध्यक्ष गौकरण साहू के गृहग्राम में स्थित है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन समिति और पंचायत प्रतिनिधियों की आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में पालकों ने स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि छुट्टी के समय प्रत्येक कक्षा और परिसर की अनिवार्य रूप से पूरी जांच की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो। पालकों ने यह भी मांग की कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए और सभी स्कूलों में सुरक्षा संबंधी मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।

प्रधानपाठक ललित साहू ने इस गंभीर चूक को स्वीकार करते हुए बताया कि छुट्टी के समय कक्षाओं का निरीक्षण किया गया था, लेकिन छात्रा अंतिम बेंच पर सो गई थी, जिसके कारण वह दिखाई नहीं दी। उन्होंने इस भूल के लिए परिजनों से क्षमा मांगते हुए भविष्य में अतिरिक्त सतर्कता बरतने का आश्वासन दिया। वहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राजेश बैस ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही प्रधानपाठक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही सभी विद्यालयों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि छुट्टी के समय प्रत्येक कक्षा, शौचालय और परिसर की भौतिक जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी भी छात्र की सुरक्षा से जुड़ी ऐसी घटना दोबारा न हो। शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर अब अभिभावकों और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है। इस मामले से जुड़ी अधिक जानकारी और आधिकारिक अपडेट शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://eduportal.cg.nic.in/ पर देखी जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan