धमतरी। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों तथा भारत सरकार के एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुरूप धमतरी जिले में आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या पर वैज्ञानिक और मानवीय तरीके से नियंत्रण के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। नगर निगम धमतरी, नगर पालिका कुरूद और नगर पंचायत नगरी में यह अभियान 22 अप्रैल से हरियाणा की स्नेह एनिमल वेलफ़ेयर सोसायटी के सहयोग से चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य आवारा श्वानों की अनियंत्रित आबादी को नियंत्रित करने के साथ-साथ रेबीज़ जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम और मानव-पशु सहअस्तित्व को बढ़ावा देना है।
प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों की टीम निर्धारित मानकों के तहत आवारा श्वानों का स्वास्थ्य परीक्षण, नसबंदी, आवश्यक टीकाकरण और ऑपरेशन के बाद उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया में पशुओं के प्रति संवेदनशील और मानवीय व्यवहार को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि उनकी सुरक्षा के साथ-साथ जनहित भी सुरक्षित रहे। नगर निगम धमतरी के आंकड़ों के मुताबिक 31 जुलाई तक कुल 947 आवारा श्वानों की सफलतापूर्वक नसबंदी की जा चुकी है। इनमें 573 नर और 374 मादा श्वान शामिल हैं। वहीं नगर पालिका कुरूद क्षेत्र में 29 तथा नगर पंचायत नगरी में 26 स्ट्रीट डॉग का उपचार और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई है।
जिला प्रशासन का मानना है कि एबीसी कार्यक्रम केवल श्वानों की संख्या नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिक सुरक्षा से भी सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित नसबंदी और टीकाकरण से रेबीज़ संक्रमण की आशंका कम होती है तथा आवारा श्वानों की आक्रामक प्रवृत्ति और अनियंत्रित प्रजनन पर भी प्रभावी रोक लगती है। यही कारण है कि अभियान को चरणबद्ध तरीके से लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि जिले के अधिक से अधिक शहरी क्षेत्रों को इसके दायरे में लाया जा सके।
नगर पालिका कुरूद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी महेन्द्र गुप्ता ने बताया कि एबीसी कार्यक्रम के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर पशु चिकित्सा विभाग के सहयोग से सैकड़ों आवारा कुत्तों का वैक्सीनेशन और डी-वॉर्मिंग भी कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को रेबीज़ के खतरे से सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और भविष्य में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे आवारा श्वानों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाएं, किसी भी संदिग्ध या बीमार पशु की सूचना संबंधित निकाय या पशु चिकित्सा विभाग को दें तथा अभियान में सहयोग कर सुरक्षित और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं। एबीसी कार्यक्रम और पशु कल्याण संबंधी विस्तृत जानकारी भारत सरकार के एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट https://awbi.icar.gov.in पर प्राप्त की जा सकती है।







