
गरियाबंद। पारंपरिक बांस शिल्प कला को आधुनिक बाजार से जोड़ने और युवाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज, गरियाबंद द्वारा बांस शिल्प प्रशिक्षण एवं उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं, महिलाओं और रोजगार की तलाश कर रहे इच्छुक अभ्यर्थियों को बांस आधारित उत्पादों के निर्माण से लेकर उनके विपणन तक की संपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को बांस से टोकरी, फर्नीचर, झूले, लालटेन, सजावटी सामग्री, होम डेकोर उत्पाद और अन्य उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कॉलेज के अनुसार वर्तमान समय में बांस से बने हस्तनिर्मित उत्पादों की मांग देश और विदेश के बाजारों में लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रशिक्षित कारीगरों और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की उपलब्धता अभी भी सीमित है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण को केवल उत्पाद निर्माण तक सीमित न रखकर उसे उद्यमिता और बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। प्रतिभागियों को उत्पाद डिज़ाइन, फिनिशिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और गुणवत्ता सुधार के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों से ग्राहकों तक पहुंचने की जानकारी भी दी जाएगी।
विशेष रूप से प्रशिक्षणार्थियों को ऑनलाइन मार्केटिंग, सोशल मीडिया प्रचार, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के उपयोग तथा डिजिटल बिक्री की प्रक्रिया से परिचित कराया जाएगा, जिससे वे अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार तक सीमित रखने के बजाय व्यापक स्तर पर बेच सकें। इससे ग्रामीण और पारंपरिक कला को नया बाजार मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें बाजार की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करना है।
संस्थान ने इच्छुक अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है। आवेदन की अंतिम तिथि 22 जून निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म के लिए लिंक प्रशिक्षण में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी 22 जून तक जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज, गरियाबंद में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। प्रशिक्षण और पंजीयन संबंधी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी मोबाइल नंबर 83197 99699 एवं 79990 34967 पर संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जिला प्रशासन और कौशल विकास से संबंधित योजनाओं के लिए Skill India Portal पर भी प्राप्त की जा सकती है।







