समाजसेवा और कला के लिए बसंत साहू को मिला छत्तीसगढ़ गौरव सम्मान

रायपुर । श्री सद्गुरु रावतपुरा सरकार जी के प्राकट्य दिवस एवं स्थापना दिवस महोत्सव के अवसर पर रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित गौरव सम्मान समारोह में समाजसेवा, शिक्षा, कला और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली छत्तीसगढ़ की कई विभूतियों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त चित्रकार एवं बसंत फाउंडेशन छत्तीसगढ़ (कुरूद) के संस्थापक बसंत साहू को उनके सामाजिक और रचनात्मक योगदान के लिए ‘छत्तीसगढ़ गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पूज्य सद्गुरु रावतपुरा सरकार जी के करकमलों से प्रदान किया गया। समारोह में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

बसंत साहू को यह सम्मान दिव्यांग एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए वर्षों से किए जा रहे निःस्वार्थ सामाजिक कार्य, निःशुल्क चित्रकला प्रशिक्षण तथा कला के माध्यम से आत्मनिर्भरता, संस्कार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। बसंत फाउंडेशन के माध्यम से वे लंबे समय से प्रतिभाशाली एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को कला से जोड़ने, उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। संस्था द्वारा समय-समय पर आयोजित प्रशिक्षण शिविरों और सामाजिक अभियानों ने अनेक बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर उपलब्ध कराया है। समारोह में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, कैबिनेट मंत्री खुशवंत सिंह, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राज्यसभा सांसद सहित कई जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सम्मान प्रदान करना था, लेकिन पद्म विभूषण एवं विश्वविख्यात पांडवानी गायिका तीजन बाई के निधन के कारण प्रदेश में घोषित राजकीय शोक की वजह से वे समारोह में शामिल नहीं हो सके।

सम्मान प्राप्त करने के बाद बसंत साहू ने इस उपलब्धि को अपनी माता, अपने गुरुओं, बसंत फाउंडेशन के सहयोगियों और उन दिव्यांग एवं प्रतिभाशाली बच्चों को समर्पित किया, जिनके भविष्य को संवारने के लिए वे लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि समाजसेवा के प्रति जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ाने वाला प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भविष्य में भी सेवा, संस्कार और सृजन के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक कला, शिक्षा और आत्मविश्वास की रोशनी पहुंचाने का संकल्प दोहराया। बसंत फाउंडेशन का ध्येय वाक्य “सृजन • सेवा • संस्कार • समर्पण” इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने का संदेश देता है। संस्था का कहना है कि वह आने वाले समय में भी कला और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। कार्यक्रम और संस्था से जुड़ी अधिक जानकारी श्री रावतपुरा सरकार संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट https://www.rawatpurasarkar.org पर प्राप्त की जा सकती है।

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan