छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत अवदाब (डिप्रेशन) के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में बीते दो-तीन दिनों से रुक-रुककर तेज बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी भरने और यातायात बाधित होने जैसी स्थितियां सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग के अनुसार मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है, जबकि 17 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने भी स्थानीय अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे लगे ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों के ऊपर सक्रिय अवदाब के कारण प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है। इसी वजह से रायपुर, दुर्ग, राजिम सहित कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई है। कुछ स्थानों पर नदियों और नालों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है, जिससे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगातार हो रही वर्षा के कारण खेतों में पानी भरने से किसानों को जहां खरीफ फसलों के लिए लाभ की उम्मीद है, वहीं अत्यधिक बारिश से फसल और ग्रामीण संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 8 जुलाई से मानसूनी गतिविधियों की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है, जिससे लगातार हो रही बारिश से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि तब तक लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और तेज बहाव वाले नालों एवं पुल-पुलियों को पार करने से परहेज करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय रखने के साथ स्थानीय निकायों को जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान बिजली गिरने की घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है, इसलिए खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और जलभराव वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें। मौसम संबंधी आधिकारिक जानकारी और चेतावनियों के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की वेबसाइट https://mausam.imd.gov.in पर नियमित अपडेट देखे जा सकते हैं।







