गर्मी में बेजुबानों के लिए बनी मिसाल, भखारा में जगह-जगह रखवाए जलपात्र

कुरुद। भीषण गर्मी के बीच जहां इंसान अपने लिए पानी की व्यवस्था करने में जुटा है, वहीं नगर पंचायत भखारा में मूक पशु-पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए एक सराहनीय पहल सामने आई है। नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति हरख जैन के नेतृत्व में क्षेत्र के विभिन्न चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर जलपात्र रखवाए जा रहे हैं, ताकि गर्मी से बेहाल पशुधन और पक्षियों को स्वच्छ व ठंडा पानी मिल सके। इस मानवीय पहल को लेकर स्थानीय स्तर पर व्यापक सराहना हो रही है और लोग इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम मान रहे हैं।

नगर पंचायत द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत भखारा और भठेली क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर कोटना और अन्य बर्तनों में नियमित रूप से पानी भरा जा रहा है। खास बात यह है कि नपं अध्यक्ष स्वयं इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि जलपात्रों में साफ और पर्याप्त पानी उपलब्ध रहे। उनका कहना है कि गर्मी के दिनों में जहां मनुष्य अपनी जरूरतों का ध्यान रख लेता है, वहीं बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए यह समय अत्यंत कठिन होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह पहल शुरू की गई है, ताकि कोई भी जीव प्यासा न रहे।

इस अभियान के जरिए न केवल पशु-पक्षियों की सहायता की जा रही है, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। नपं अध्यक्ष ने नागरिकों से अपील की है कि वे भी अपने घरों, दुकानों और मोहल्लों के बाहर पानी से भरे बर्तन रखें और नियमित रूप से उनकी सफाई करते हुए पानी बदलते रहें। इससे न केवल जीवों को राहत मिलेगी, बल्कि आसपास स्वच्छता भी बनी रहेगी और बीमारियों के फैलने का खतरा कम होगा।

स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास समाज में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। कई लोगों ने इस अभियान से जुड़ने की इच्छा जताई है और स्वयं भी जलपात्र रखने की शुरुआत की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर थोड़ी संवेदनशीलता दिखाए, तो गर्मी के इस कठिन दौर में हजारों पशु-पक्षियों की जान बचाई जा सकती है। इस तरह की पहलें न केवल मानवीय मूल्यों को मजबूत करती हैं, बल्कि समाज को जिम्मेदार और जागरूक बनाने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इस विषय से जुड़ी और जानकारी के लिए https://www.petaindia.com/ जैसे स्रोतों पर भी उपयोगी जानकारी उपलब्ध है।

 

Annu Dewangan
Author: Annu Dewangan